दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर लगेंगे सेंसर, कोहरे में हादसों पर लगेगा अंकुश
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कोहरे के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्वचालित मौसम केंद्र और दृश्यता संवेदक लगाए जाएंगे। यह प्रणाली अमेर ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर लगेंगे सेंसर।
HighLights
कोहरे से हादसों पर अंकुश लगाने को लगेंगे सेंसर।
स्वचालित मौसम केंद्र व दृश्यता संवेदक होंगे स्थापित।
अमेरिका, फिनलैंड, जापान की तर्ज पर प्रणाली।
कपिल कुमार, बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कोहरे में हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अहम कदम उठाया जा रहा है। अमेरिका, फिनलैंड व जापान की तर्ज पर कॉरिडोर पर विभिन्न स्थानों पर स्वचालित मौसम केंद्र व दृश्यता संवेदक (सेंसर) लगेंगे। इससे कोहरा आने का कॉरिडोर अथारिटी को पहले ही पता चल जाएगा। उनके द्वारा डिस्प्ले बोर्ड पर चेतावनी जारी की जाएगी।
इसके माध्यम से वाहन चालक सतर्क हो जाएंगे। इसको लेकर एनएचएआइ व मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अधिकारी मंथन कर चुके हैं। आइएमडी की टीम 17 व 18 अगस्त को बागपत पहुंचकर निर्धारित स्थलों का निरीक्षण करेगी।
परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह का कहना है कि इकोनॉमिक कॉरिडोर 119.79 किमी लंबा है। यह छह-लेन का है, जो सिंचित कृषि क्षेत्र (गन्ना-गेहूं फसल चक्र) से होकर गुजरता है, जहां अधिक मृदा नमी तथा अनेक नहर/रजवाहे हैं।
सर्दी के मौसम में घना विकिरण कोहरा (रेडिएशन फाग) एक नियमित परिघटना है और दृश्यता जीरो तक हो जाती है। 100 किमी प्रतिघंटा गति वाले इस कॉरिडोर पर सुरक्षा के लिए अग्रिम कोहरा पूर्वानुमान एवं दृश्यता चेतावनी के प्रसारण की जरूरत है।
हाल ही में एनएचएआई एवं आईएमडी की संयुक्त बैठक में आईएमडी द्वारा अमेरिका, फिनलैंड एवं जापान में अपनाई जा रही सड़क-मौसम निगरानी पद्धतियां तथा अपने मौजूदा नेटवर्क एडब्ल्यूएस (स्वचालित मौसम केंद्र) देशभर के अनेक स्थानों व हवाई अड्डों पर संचालित रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) प्रणाली एवं कृषि-मौसम एडब्ल्यूएस पर प्रस्तुतीकरण दिया गया है।
दृश्यता को अधिकांश देशों में सड़क सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मापदंड के रूप में चिन्हित किया गया। एनएचएआइ की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस परियोजना की प्राथमिकता सर्दी के मौसम में शून्य दृश्यता की स्थिति से निपटना है।
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गहन समीक्षा कर सुरक्षित एवं उपयुक्त प्रमुख स्थल इंटरचेंज, टोल प्लाजा व वेसाइड एमेनिटी परिसर (होटल आदि स्थल के निकट) में स्वचालित मौसम केंद्र व दृश्यता संवेदक (सेंसर) लगाए जाएंगे।
ये सभी संवेदक विदेशी मूल के अत्याधुनिक तंत्र हैं, जिनका सफल प्रयोग विदेशों में पहले से किया जा रहा है।इसके जरिए कोहरे की चेतावनी सड़क उपयोगकर्ताओं तक तुरंत पहुंचाई जा सकेगी।
60 दिन में दौड़ थे 27.67 लाख वाहन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल काे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, यह 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था। 14 मई को टोल वसूली शुरू हुई थी। इस पर बड़ी संख्या में वाहन दौड़ रहे हैं।
दुपहिया, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर-ट्राली का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 14 मई से 12 जुलाई तक 27 लाख 67 हजार 47 वाहन दौड़े थे। प्रतिदिन 46,117 वाहन और हर मिनट में 32 वाहनों का आवागमन हुआ था।