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बागपत हादसे के ड्राइवर को एक घंटे में मिली जमानत, टक्कर से गई थी 13 लोगों की जान

Published: Wed, 09 Sep 2026 01:12 AM (IST)

बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 23 घायल हुए। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. ईपीई पर हुए हादसे में 13 श्रद्धालुओं ने जान गंवाई।

  2. ट्रक चालक को गिरफ्तार कर एक घंटे में जमानत मिली।

  3. एनएचएआई ने गूगल मैप से अस्थायी यू-टर्न हटवाए।

जागरण संवाददाता, बागपत। राजस्थान से लौट रहे श्रद्धालु रात में रास्ता भटक गए थे। उन्हें गाजियाबाद के दुहाई में उतरना था, लेकिन वे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) पर चढ़ गए थे। यह उनके लिए मौत का ट्रैक साबित हुआ, जिसमें 13 श्रद्धालुओं की जान चली गई। यह दर्दनाक हादसा केवल दोनों वाहन चालकों की लापरवाही से ही नहीं हुआ। इसमें सिस्टम की अनदेखी भी सामने आ रही है।

गूगल मैप पर यूटर्न न दिखाई देता तो चालक पिकअप वाहन ईपीई पर न दौड़ाता। पुलिस जांच में आया कि श्रद्धालुओं के पिकअप वाहन को कैंटर ने नहीं 16 टायरा ट्रक ने टक्कर मारी थी। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, एक घंटे बाद उसे जमानत मिल गई। साथ ही एनएचएआई ने कार्रवाई करते हुए ईपीई के अस्थायी रूप से बंद यू-टर्न को गूगल मैप से हटवा दिया है।

राजस्थान के बागड़ धाम से लंबी दूरी तय कर पिकअप वाहन बागपत के बड़ागांव टोल प्लाजा पर पहुंचा तो चालक भ्रमित हो गया। वह गाजियाबाद के दुहाई टोल प्लाजा पर उतरने के बजाय बड़ागांव कट से ही नीचे उतर गया। यहां से ही मौत का सफर शुरू हुआ। गूगल मैप में पास में ही ईपीई पर एक यूटर्न दिखाई दिया। चालक पिकअप को लेकर वहां पहुंचा तो यूटर्न बंद दिखाई दिया था। गाड़ी की गति धीमी करते ही पीछे से तेज गति से आए ट्रक ने पिकअप में टक्कर मार दी थी।

इसके बाद पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलट गई। उसमें सवार श्रद्धालु हाईवे पर काफी दूर तक गिरते चले गए। हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत और 23 घायल हो गए थे। लोगों का कहना है कि सिस्टम की लापरवाही से हादसा हुआ है। यदि यूटर्न अस्थायी रूप से बंद किया गया है तो गूगल मैप पर क्यों दिखाई दे रहा है? इसके आसपास संकेतक क्यों नहीं लगाए गए?

मंगलवार को भी यूटर्न पर अस्थायी रूप से कंकरीट बैरियर लगा रखे हैं। उधर, एनएचएआइ के मैनेजर तुषार अग्रवाल का कहना है कि इमरजेंसी कार्यों के लिए यूटर्न बनाया गया है। यह आम वाहनों के लिए नहीं हैं। इमरजेंसी में वाहन निकालने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। गूगल मैप से सभी अस्थायी यू-टर्न को हटवा दिया गया है। अब सिर्फ दुहाई, मवीकलां और कुंडली इंटरचेंज ही रास्ता बदलने के लिए गूगल पर दिखाई दे रहे हैं।

जाखौली टोल के साथ आपातकालीन यू-टर्न भी दिखाई देने बंद हो गए हैं। उधर, पुलिस ने मंगलवार को बड़ागांव के पास एक होटल पर खाना खाने के लिए रुके आरोपित ट्रक चालक आदित्य उर्फ विकास निवासी गांव बोपही जरऊ, हाथरस को घेराबंदी कर ट्रक समेत पकड़ लिया। एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि हादसे की हर बिंदु पर गहनता से जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ली गई हैं, जिसकी जांच जारी है।

दोनों वाहनों की लापरवाही मिली, शासन को भेजी रिपोर्ट एआरटीओ विपिन कुमार के मुताबिक पिकअप गाड़ी का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले परमिट न होना, बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना, खतरनाक ड्राइविंग करने और गाड़ी को गलत तरीके से माडीफाई करने पर 93,950 रुपये का चालान किया गया था। इसी तरह ट्रक को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

उसके पंजीकरण निरस्त करने के लिए रिपोर्ट राजस्थान परिवहन विभाग के अधिकारियों को भेजी गई है। बगैर डीएल के वाहन चलाने और खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने पर ट्रक का 12,500 का चालान पहले ही किया जा चुका है।

चार घायलों की हालत में सुधार, दो गंभीर मेरठ
हादसे के छह घायलों का इलाज मेरठ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जिनमें से दो घायलों की हालत गंभीर है। 13 घायलों में से सात को उनके स्वजन दूसरे अस्पताल में अपनी इच्छा पर लेकर चले गए थे। सोमवार रात गंभीर रूप से घायल नेमपाल के पेट का आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद कुछ देर के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार शाम वेंटिलेटर हटा दिया गया है।

ट्रामा आइसीयू में भर्ती है। गंभीर रूप से घायल छत्रपाल को ट्रामा सेंटर से न्यूरो आइसीयू में शिफ्ट किया गया है। उसे हेड इंजरी हुई है। चार अन्य घायलों में छाया, खुशी, यादराम और सुल्तानश्री की हालत बेहतर है। इनको इमरजेंसी के आपदा वार्ड में रखा गया है।