यूपी में हर शनिवार होगा बैगलेस डे- बिना बस्ते के स्कूल आएंगे छात्र-छात्राएं, शिक्षा विभाग का कैलेंडर जारी
यूपी के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में इस महीने से 10 बैगलेस डे शुरू हो रहे हैं। ...और पढ़ें

HighLights
10 बैगलेस डे का कैलेंडर जारी, हर शनिवार 'मस्ती की पाठशाला'।
मिट्टी के खिलौने, AI-रोबोटिक्स, वित्तीय साक्षरता जैसी गतिविधियां।
प्रत्येक विद्यालय को गतिविधियों के लिए ₹6500 का बजट।
जागरण संवाददाता, बदायूं। परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के तहत इस महीने से 10 बैगलेस डे की शुरुआत हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसका पूरा कैलेंडर जारी कर दिया है।
22 अगस्त से 14 नवंबर के बीच शनिवार को 'मस्ती की पाठशाला' लगेगी, जहां बच्चे बिना भारी बस्ते के स्कूल आएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक गतिविधियों, कला, विज्ञान और नई तकनीकों के माध्यम से रचनात्मक रूप से सिखाना है।
बीएसए नवीन कुमार ने बताया कि आनंदम मार्गदर्शिका के तहत आयोजित होने वाले इन बैगलेस दिनों में बच्चों को विभिन्न कौशलों से जोड़ा जाएगा। 22 अगस्त को पहले बैगलेस डे पर मिट्टी के खिलौने और स्थानीय शिल्प कला की कार्यशाला होगी। 29 अगस्त को औषधीय पौधे लगाने और वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम होगा।
12 सितंबर को जल संरक्षण और 19 सितंबर को स्वास्थ्य सुरक्षा व गुड टच-बैड टच पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। आगे बढ़ते हुए, 26 सितंबर को पतंग निर्माण और स्टेम माडल प्रतियोगिता होगी। तीन अक्टूबर को वित्तीय साक्षरता के लिए मिनी बैंक और 10 अक्टूबर को डूडलिंग, संगीत व नाटक कार्यशालाएं सजेंगी।
17 अक्टूबर को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी और 24 अक्टूबर को निर्माण स्थलों का अध्ययन कराया जाएगा। 31 अक्टूबर को बच्चों को एआई व रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीक से रूबरू कराया जाएगा, जबकि 14 नवंबर को बाल मेले के साथ इसका समापन होगा।
खबरें और भी
गतिविधियों के संचालन लिए 6500 रुपये का मिला बजट
10 बैगलेस डे की गतिविधियों को बेहतर ढंग से आयोजित करने के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक विद्यालय को 6500 रुपये की धनराशि दी गई है। इस बजट से कला, शिल्प, विज्ञान माडल, वर्मी कंपोस्ट और बाल मेले जैसी गतिविधियों के लिए जरूरी सामग्री खरीदी जाएगी, ताकि बच्चे बिना किसी बाधा के सीख सकें।
शनिवार को पढ़ाया जाएगा पर्यावरण और सुरक्षा का पाठ
12 व 19 सितंबर को छात्र जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वर्मी कंपोस्ट बनाना सीखेंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वच्छता और गुड टच-बैड टच जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति बच्चों को संवेदनशील और जागरूक बनाया जाएगा।
एआई, रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें सीखेंगे बच्चे
तकनीक से जोड़ने के लिए 26 सितंबर को पतंग व स्टेम माडल प्रतियोगिता होगी। वहीं 31 अक्टूबर को छात्र एआई, रोबोटिक्स और आधुनिक टेक्नोलाजी सीखेंगे। तीन अक्टूबर को मिनी बैंक बनाकर बच्चों को वित्तीय साक्षरता सिखाई जाएगी।
नए सत्र के लिए 10 बैगलेस डे का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। आनंदम मार्गदर्शिका के अनुसार शनिवार को व्यावहारिक गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।
-नवीन कुमार, बीएसए बदायूं