बदायूं में चर्च की जमीन पर चला बुलडोजर: हाईकोर्ट के आदेश पर खाली कराई गई DSA कोठी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद बदायूं में ऐतिहासिक डीएसए कोठी परिसर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर मेथोडिस्ट च ...और पढ़ें

कोठी के बाहर अवैध दुकानों पर चलता बुलडोजर। जागरण
HighLights
अल्पसंख्यक आयोग की सिफारिश और अदालती रुख के बाद आखिरकार ढहाया अवैध निर्माण
जागरण संवाददाता, बदायूं। शहर स्टेशन रोड स्थित ऐतिहासिक डीएसए कोठी परिसर को आखिरकार अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया की अपील और इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
डीएम अवनीश कुमार और एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में भारी पुलिस बल और नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को ढहा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार और राजस्व टीम की मौजूदगी में कोठी को खाली कराकर पीड़ित पक्ष यानि चर्च संस्था को सौंप दिया गया।
मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया के पादरी सचिन राबिंसन ने बताया कि सिविल लाइंस स्थित ग्राम नेकपुर पर बनी यह डीएसए कोठी पिछले एक सदी से चर्च के जिला अधीक्षक का आवास और प्रशासनिक केंद्र रही है। विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व जिला अधीक्षक के निधन के बाद कुछ लोगों ने इस कीमती संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।

इसके बाद बिना नक्शा पास कराए निर्माण भी शुरू कर दिया। संस्था ने इसके खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठाई। पहले स्थानीय प्रशासन ने मामले में ढिलाई बरती, जिससे परेशान होकर संस्था को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामला उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग भी पहुंचा।
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जिसने 19 अप्रैल 2024 को ही अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। जब इस आदेश का पालन नहीं हुआ, तो संस्था ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 17 जून 2026 को हाईकोर्ट ने डीएम और एसएसपी को सख्त लहजे में अल्पसंख्यक आयोग के आदेश का पालन करने और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए।
कोर्ट की इसी सख्ती के बाद प्रशासन ने कोठी परिसर के अंदर और बाहर हुए सभी अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहा दिया और चर्च को उनका कानूनी हक वापस दिलाया। पादरी सचिन राबिंसन ने बताया कि यह कोठी परिसर मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया ट्रस्ट की कानूनी संपत्ति है।
लगभग एक सदी से इसका इस्तेमाल चर्च के जिला अधीक्षक के रहने और दफ्तर के कामों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से होता आ रहा था। पूर्व अधिकारी की मौत का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने इस पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिसे अब नाकाम कर दिया गया है।
मेथोडिस्ट चर्च संस्था ने कोर्ट और प्रशासन के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के अवैध कब्जा हटाओ अभियान के बिल्कुल अनुकूल है। संस्था ने न्यायपालिका में अपना भरोसा जताते हुए कहा कि ऐसे फैसलों से समाज में कानून का राज मजबूत होता है।
सरकारी व संस्थागत जमीनों को हड़पने वालों को कड़ा सबक मिलता है। अतिक्रमण हटाने की इस पूरी मुहिम के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। पूरी कार्रवाई की चप्पे-चप्पे पर वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित विवाद, फर्जी दावों या कानूनी उलझनों से बचाव करना था।
बाहर बनी दुकानों को भी ढहाया जाएगा
लंबे समय से सरकारी जमीनों और रास्तों को घेरे बैठे अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का भारी बुलडोजर जमकर गरजा। चेतावनी की अवधि समाप्त होते ही अवैध दुकानों, स्टालों और बाउंड्री बाल को ढहा दिया गया। वहीं बाहर बनी दुकानों को भी जल्द ढहा दिया जाएगा।