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    बदायूं मनरेगा घोटाला: भीषण गर्मी में 'स्वेटर' वाली फोटो से खुली पोल, महिला मेट बर्खास्त; कार्य शून्य घोषित

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 11:32 PM (IST)

    बदायूं में मनरेगा कार्य में फर्जी हाजिरी लगाने के आरोप में एक महिला मेट को बर्खास्त कर दिया गया है और संबंधित कार्य को शून्य घोषित किया गया है। एनएमएम ...और पढ़ें

    पोर्टल पर इस तरह की फोटो जिसमें मजदूर शाल, जैकेट व स्वेटर पहने नजर आ रहे हैं, अपलोड की गई हैं फाइल फोटो

    पोर्टल पर इस तरह की फोटो जिसमें मजदूर शाल, जैकेट व स्वेटर पहने नजर आ रहे हैं, अपलोड की गई हैं फाइल फोटो

    HighLights

    1. एनएमएमएस ऐप पर पुरानी तस्वीरें अपलोड कर दर्ज की जा रही थी मजदूरों की उपस्थिति, प्रशासन ने दिखाई सख्ती

    जागरण संवाददाता, बदायूं। मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के प्रयास पर सीडीओ बदायूं के आदेश पर बीडीओ समरेर ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित महिला मेट को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही संबंधित कार्य को शून्य घोषित कर दिया गया है।

    मामले में कार्रवाई में देरी होने पर सीडीओ ने डीसी मनरेगा प्रभारी पर नाराजगी भी जताई। दैनिक जागरण ने रविवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी के बाद मामले का संज्ञान लिया गया।

    मनरेगा के अंतर्गत नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप पर श्रमिकों की स्वेटर, जर्सी जैकेट पहने फर्जी फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला सामने आया था। जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

    बताया जाता है कि ब्लॉक समरेर क्षेत्र की ग्राम पंचायत अभयपुर में संचालित एक मनरेगा कार्य के दौरान पोर्टल पर ऐसी तस्वीरें अपलोड की गई थीं, जिनमें मजदूर स्वेटर और शॉल पहने दिखाई दे रहे थे। जबकि जून माह की भीषण गर्मी में ऐसी तस्वीरों ने संदेह पैदा कर दिया।

    ग्रामीणों की शिकायत और जांच के दौरान खुलासा हुआ कि पुरानी तस्वीरों को मोबाइल स्क्रीन पर दिखाकर दूसरे मोबाइल से उनकी फोटो खींचकर एनएमएमएस ऐप पर अपलोड की जा रही थी, जबकि मौके पर कार्य नहीं हो रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए।

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    इसी क्रम में डीसी मनरेगा प्रभारी सतेंद्र सिंह ने एपीओ, सचिव, प्रधान एवं संबंधित महिला मेट को विकास भवन तलब कर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई।

    खंड विकास अधिकारी समरेर वीरेंद्र राम ने बताया कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित महिला मेट प्रीती देवी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। जिस कार्य को अभिलेखों में संचालित दर्शाया गया था, उसे भी पूर्णतः शून्य घोषित कर दिया गया है।

    इसके अतिरिक्त तकनीकी सहायक एवं सचिव को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि बदायूं जिले में इससे पूर्व भी म्याऊं ब्लॉक क्षेत्र में बिना कार्य कराए भुगतान कराने के मामले में महिला मेट की सेवा समाप्त करने तथा वित्तीय वसूली की कार्रवाई की जा चुकी है।

    इस संबंध में डीसी मनरेगा प्रभारी सतेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आनलाइन हाजिरी व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उधर, ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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