बदायूं की सड़कों पर 'मौत' का जाल! कहीं नीची पटरियां तो कहीं झाड़ियां बनीं काल, 3 दिन में 6 मौतें
बदायूं में लगातार सड़क हादसों के बाद परिवहन और लोक निर्माण विभाग ने सर्वे शुरू किया है। प्राथमिक जांच में नीची पटरियां और झाड़ियों से छिपे रास्ते हादस ...और पढ़ें

हाईवे पर ब्लैक स्पाट का निरीक्षण करते एआरटीओ व पीटीओ। स्रोत परिवहन विभाग
HighLights
जिले में सुरक्षात्मक कार्यों को कराने का किया जा रहा दावा
परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग कर रहे हैं हादसा स्थलों का सर्वे, निकलकर सामने आ रहे हादसों के कारण
जागरण संवाददाता, बदायूं। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसकी प्राथमिक जांच में यह निकलकर सामने आया है कि कुछ मार्गों पर पटरियां नीची हैं और जगह-जगह झाड़ियां से रास्ते छिपे हुए हैं। उनकी वजह से अक्सर हादसे हो रहे हैं। अगर इन झांड़ियों को साफ करा दिया जाए तो शायद हादसों में कमी आएगी।
इसके अलावा कुछ और सुधारों से भी हादसे रुकेंगे। बता दें कि जिले में सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने के बाद भी हादसे नहीं रुके। पिछले तीन दिनाें में आठ हादसों में छह की जान चली गई, जबकि आठ लोग घायल हुए। लगातर हो रहे हादसे चिंता का सबब बन गए हैं।
पिछले दिनों सेव लाइफ फाउंडेशन ने प्रदेश के सभी जिलों का सर्वे करते हुए उसकी रिपोर्ट सौंपी थी।। बदायूं जिले में भी 111 हादसा स्थल चिह्नित किए गए थे और सड़क हादसों के मामले में बदायूं जनपद प्रदेश में 18 वें नंबर पर आया था। सेव लाइफ फाउंडेशन ने जो रिपोर्ट सौंपी थी। उसके आधार पर सुधार कराने का दावा किया गया था।
बताया जा रहा है कि अभी हाल में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग ने सभी हादसा स्थलों का सर्वे शुरू कर दिया है। वहां यह देखा जा रहा है कि आखिर किस वजह से हादसे हो रहे हैं। दो दिन के सर्वे में यह निकलकर सामने आया कि कुछ मार्गों पर सड़क से नीची पटरियां हैं।
अक्सर पटरी से सड़क पर आते समय बाइक सवाराें के साथ हादसे होते हैं या फिर उनकी बाइक गिर जाती हैं, जिसकी वजह से उनकी जान चली जाती है। दूसरा यह भी सामने आया है कि कई मार्गों पर झांड़ियाों की वजह से रास्ते छिपे हुए हैं, जिससे सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र में जिस हादसे में पांच लोगों की मृत्यु हुई थी। उसका भी यही कारण रहा था। अगर इन झांड़ियाों को साफ करा दिया जाए तो काफी हद तक सामने से आने वाले वाहन दिखाई देंगे, जिससे निश्चित तौर पर हादसों में कमी आएगी।
कुछ स्थानों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड भी लगाए जाएंगे, सफेद व साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिससे काफी हद तक सुधार होगा। फिलहाल दोनों विभाग जिले में सर्वे कर रहे हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट आने के बाद और भी कारण सामने आ सकते हैं।
जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। दो दिन के सर्वे में कई चीजें सामने आई हैं। एक तो यह सामने आया है कि सड़कों पर या तिराहे चौराहों पर झांड़ियों की वजह से रास्ते दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। अभी सर्वे चल रहा है, जहां जो सुधार की जरूरत होगी, कराया जाएगा।
- हरिओम गौतम, एआरटीओ
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