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बदायूं गोशाला कांड: 34 गोवंश की मौत मामले में निलंबित BDOs की जांच करेंगे JDC बरेली

Published: Fri, 23 Oct 2026 10:30 PM (IST)

बदायूं में गोशालाओं में 34 गोवंश की मौत के मामले में निलंबित म्याऊं और सलारपुर के बीडीओ की जांच अब ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अभिगांव और ब्योंर की गोशालाओं में 34 गोवंश की मौत के बाद हुई कार्रवाई

जागरण संवाददाता, बदायूं। गोशालाओं में गोवंश की मौत और अव्यवस्थाओं के मामले में निलंबित म्याऊं और सलारपुर के बीडीओ की जांच अब संयुक्त विकास आयुक्त, बरेली मंडल करेंगे। शासन ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध जांच के लिए उन्हें जांच अधिकारी नामित किया है।

म्याऊं ब्लाक के अभिगांव स्थित गोशाला में 20 और सलारपुर ब्लाक के ब्योंर की गोशाला में 14 गोवंश की मौत हुई थी। इस मामले में संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों और पशु चिकित्साधिकारियों को भी पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

ग्राम्य विकास विभाग ने म्याऊं के बीडीओ राकेश कुमार निराला और सलारपुर के बीडीओ नितिन कुमार को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित किया है।

शासन के अनुसार, दोनों गोशालाओं में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गोवंश संरक्षित होने के बावजूद उनके लिए अतिरिक्त शेड और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की गईं।

इसे प्रथमदृष्टया लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई। गोशालाओं में गोवंश की मौत के बाद संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों और पशु चिकित्साधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।

उनके मामलों की जांच संबंधित विभागों की ओर से की जा रही है। अब बीडीओ के निलंबन के बाद शासन ने जांच की जिम्मेदारी संयुक्त विकास आयुक्त, बरेली मंडल को सौंपी है।

जांच में गोशालाओं की क्षमता के सापेक्ष गोवंश की संख्या, उपलब्ध संसाधनों, वैकल्पिक इंतजामों और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

15 में से छह ब्लाक बीडीओ विहीन, विकास कार्यों पर असर की चिंता

जिले के 15 ब्लाकों में से छह में खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) की नियमित तैनाती नहीं होने से विकास कार्यों के संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई है। सलारपुर, इस्लामनगर, उसावां और म्याऊं में बीडीओ के निलंबन के बाद पद रिक्त हैं।

वहीं, जगत और दातागंज ब्लाक में भी नियमित बीडीओ नहीं होने से अतिरिक्त प्रभार के सहारे कामकाज चल रहा है। गोशालाओं में अव्यवस्थाओं के मामले में शासन स्तर से हुई कार्रवाई के बाद सलारपुर और म्याऊं ब्लाक में बीडीओ के पद खाली हुए हैं।

इस्लामनगर और उसावां में भी बीडीओ के निलंबन से जिम्मेदारी का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा जगत और दातागंज में नियमित तैनाती नहीं होने के कारण अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक साथ छह ब्लाकों में बीडीओ की कमी से विकास भवन के अधिकारियों पर कामकाज संभालने का दबाव बढ़ गया है। ब्लाक स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी, निर्माण कार्यों की प्रगति और जनसमस्याओं का निस्तारण बीडीओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

ऐसे में अधिकारियों की कमी से कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। ब्लाकों में कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।

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