बदायूं में आस्था की मिसाल: 80 किमी दंडवत यात्रा पर निकला परिवार, हर कदम पर शिव का नाम
उझानी के अल्लापुर चमारी गांव का एक परिवार कछला गंगा घाट से पटना देवकली मंदिर तक 80 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर रहा है। ...और पढ़ें

HighLights
उझानी के सात सदस्यों का परिवार दंडवत यात्रा पर
कछला से पटना देवकली तक 80 किमी की दंडवत यात्रा
भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित कर रहे, पिछले संकल्प की पूर्ति
अंकित गुप्ता, बदायूं। मन में महादेव की भक्ति हो और संकल्प अटल हो तो कठिन से कठिन राह भी आसान लगने लगती है। इसी आस्था और विश्वास की मिसाल पेश कर रहा है उझानी क्षेत्र के गांव अल्लापुर चमारी का एक परिवार। कछला गंगा घाट से पवित्र जल भरकर परिवार के सात सदस्य करीब 80 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पर निकले हैं।
शरीर थक रहा है, राह लंबी है, लेकिन जुबां पर हर-हर महादेव और मन में भोलेनाथ के दर्शन की आस है। पांच दिन से जारी इस अनूठी यात्रा में परिवार के सदस्य बारी-बारी से दंडवत कर कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उनका लक्ष्य सोमवार को पटना देवकली मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करना है।
अल्लापुर चमारी निवासी यशोधर, रामू, लखन, रुकुम सिंह, लकी, विकाश और ओमप्रकाश एक ही परिवार के हैं। परिवार के सदस्य यशोधर के मन में पिछले वर्ष यह भाव आया था कि भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए परिवार को दंडवत यात्रा करनी चाहिए। उस समय मन में आया यह संकल्प इस बार सावन में आस्था का रूप ले चुका है।
पांच अगस्त को परिवार के सभी सदस्य कछला गंगा घाट पहुंचे। वहां गंगा स्नान और जल भरने के बाद उन्होंने पटना देवकली मंदिर के लिए दंडवत यात्रा शुरू की। करीब 80 किलोमीटर की इस यात्रा में एक सदस्य कुछ दूरी तक दंडवत करता है। थकान होने पर दूसरा सदस्य उसकी जगह ले लेता है। इसी तरह सातों सदस्य बारी-बारी से दंडवत करते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
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यात्रा के दौरान शरीर को आराम देने के लिए समय-समय पर रुकते हैं, फिर महादेव का नाम लेकर आगे बढ़ जाते हैं। रास्ते की थकान पर आस्था भारी पड़ रही है। परिवार के लिए यह केवल मंदिर तक पहुंचने का सफर नहीं, बल्कि पिछले वर्ष मन में उठे संकल्प को पूरा करने की साधना है।
पांच दिन की यात्रा पूरी करने के बाद परिवार का लक्ष्य सोमवार को पटना देवकली मंदिर पहुंचने का है। वहां सभी सदस्य कछला गंगा से लाए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि महादेव की कृपा और आस्था के बल पर ही इतनी लंबी दंडवत यात्रा संभव हो पा रही है। सावन में शिवभक्ति के रंग में रंगे इस परिवार की यात्रा राहगीरों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सातों सदस्यों के कदम भले ही धीरे-धीरे बढ़ रहे हों, लेकिन उनके मन में एक ही धुन है, हर-हर महादेव... बम-बम भोले।