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बदायूं पुलिस महकमे में हड़कंप: 60 कारतूसों के खेल में 'बिक' गई खाकी; दारोगा और दो सिपाही सस्पेंड, जानें कैसे खुला राज

Published: Sat, 05 Sep 2026 06:30 AM (IST)

बदायूं में 60 कारतूसों के मामले में विवेचक दारोगा बाबू खां ने दो आरोपियों के नाम चार्जशीट से हटा दिए, ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

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HighLights

  1. विवेचक बाबू खां ने दो नाम निकाल सीओ को भेजी चार्जशीट, सीओ पेशी के सिपाहियों के भी मिलीभगत की आशंका

अंकित गुप्ता, बदायूं। शहर कोतवाली पुलिस ने दो अगस्त को 60 कारतूस के साथ सिविल लाइंस के गांव नादे गौटिया निवासी नावेद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों ताज मोहम्मद और अरबाज का नाम भी बताया था। पुलिस ने आयुध अधिनियम के तहत तीनों को नामजद कर मामले की जांच शुरू की थी।

पुलिस अधिकारी इस मामले को गैंगवार और कारतूस सप्लाई की चैन के नजरिए से देख रहे थे। लेकिन मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक बाबू खां ने फरार चल रहे दोनों आरोपित ताज मोहम्मद और अरबाज के नाम निकाल कर चार्जशीट तैयार कर दी।

चार्जशीट सीओ सिटी के सामने पहुंची तो वह दंग रह गए। जांच उनके कार्यालय के दो सिपाही हरीश और प्रवीण के नाम भी मिलीभगत में सामने आए। सीओ सिटी रहे राहुल पांडेय की रिपोर्ट पर एसएसपी ने उपनिरीक्षक व दोनों सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी है।

बीते दो अगस्त को सोथा चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने चेकिंग के दौरान बरेली नंबर की बाइक को रोक कर नावेद को पकड़ा था। तलाशी में उसके पास से 315 बोर के 60 कारतूस मिले थे। उसने बताया था कि गांव में गैंगवार चल रही है। अपने पक्ष के लड़कों को कारतूस बांटने जा रहा था।

पुलिस उसके बयानों पर भरोसा नहीं हुआ। पूछताछ में ही उसने बताया था कि उसके चचेरे भाई ताज मोहम्मद व दोस्त अरबाज से कारतूस मिले थे। पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही थी। इस मामले में ताज मोहम्मद और अरबाज को मुख्य आरोपित मान रही थी।

सीओ सिटी रहे राहुल पांडेय और एसओजी ने भी इसमें नावेद से पूछताछ की थी। यह माना जा रहा था कि यह बड़ा गिरोह है जो कारतूस सप्लाई का काम करता है। तत्कालीन सीओ सिटी खुद इसकी निगरानी कर रहे थे। लेकिन इस बीच कांवड़ यात्रा आ गई और पुलिस अधिकारी उसमें व्यस्त हो गए।

आरोप है कि मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक बाबू खां ने सांठगांठ कर आरोपित ताज मोहम्मद व अरबाज का नाम विवेचना से निकाल दिया और जल्द से जल्द चार्जशीट भी लगा दी।

लेकिन कांवड़ यात्रा के बाद जब सीओ पेशी के सिपाही हरीश और प्रवीण चार्जशीट को आगे बढ़ाने के लिए सीओ सिटी के पास लेकर पहुंचे तो वह दंग रह गए। उन्होंने तत्काल विवेचक को तलब किया। पूछताछ में पता चला कि सीओ पेशी के सिपाहियों की भी इसमें मिलीभगत है।

इस पर सीओ ने रिपोर्ट एसएसपी अंकिता शर्मा को दी। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से विवेचक बाबू खां और सीओ पेशी में तैनात सिपाही हरीश और प्रवीण काे निलंबित कर दिया। वहीं सीओ ने मामले की पुन: विवेचना के आदेश दिए हैं। वहीं जो आरोपित इसमें न्यायालय में सरेंडर की तैयारी कर रहे थे वह अब बेफिक्र होकर घूम रहे हैं।

इंस्पेक्टर कोतवाली भी हो चुके लाइन हाजिर

दो दिन पहले ही इंस्पेकटर कोतवाली संजय कुमार सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया था। अब माना जा रहा है, उनकी शिथिल निगरानी के चलते ही उन्हें हटाया गया। चार्जशीट सीओ पेशी में पहुंचाने से पहले उन्होंने इसकी जांच या पूछताछ क्यों नहीं की।

इसी के चलते उन्हें भी इसमें जिम्मेदार बताया जा रहा है। हालांकि एसएसपी ने संजय कुमार सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के पीछे की वजह शाहजहांपुर से पुराने किसी मामले में उनके खिलाफ बेड एंट्री आने को बताया था। लेकिन अब महकमे के लोग ही इस कार्रवाई को कारतूस कांड से जोड़ रहे हैं।

 

शहर कोतवाली के कारतूस प्रकरण में विवेचक बाबू खां ने दो आरोपितों के नाम निकाल दिए थे। सीओ सिटी की रिपोर्ट के आधार विवेचक बाबू खां व सीओ पेशी के दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।

- अंकिता शर्मा, एसएसपी


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