राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद दो वर्ष से एक जगह तैनात कर्मियों का पटल परिवर्तन शुरू, दायरे में एक हजार कर्मचारी
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद कर्मियों की तैनाती व्यवस्था में बदलाव शुरू हो गया है। दो वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात लगभग एक हजार कर्मचारियों ...और पढ़ें

दो वर्ष से एक जगह तैनात कर्मियों का पटल परिवर्तन प्रारंभ।
HighLights
चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में व्यवस्था परिवर्तन।
दो वर्ष से तैनात एक हजार कर्मियों का पटल बदला।
पारदर्शिता बढ़ाने हेतु सुरक्षा व तैनाती में बदलाव।
प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद राम मंदिर परिसर में कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था में बदलाव शुरू हो गया है। एक ही स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से तैनात कर्मचारियों का पटल बदला जा रहा है। दान काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को यात्री सेवा केंद्र सहित परिसर के अन्य मंदिरों के तैनाती स्थलों पर भेजा जा रहा है।
पटल परिवर्तन के दायरे में ट्रस्ट कर्मचारियों के साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कर्मचारी भी शामिल हैं। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले गार्डों की तैनाती प्वाइंट में भी बदलाव किया गया है। एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों को दूसरे स्थान पर भेजकर नई व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके पीछे पारदर्शिता को प्रतिष्ठित करना है।
मंदिर परिसर व बाहर लगभग डेढ़ हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। इनमें ट्रस्ट के साथ तीन आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं। कई कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में तो कई की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगती है।
श्रीरामजन्मभूमि परिसर में प्रसाद वितरण, दान काउंटर, शूज रैक, यात्री सुविधा केंद्र, दर्शन टोली, भोजन सहित भंडार, प्रसाद की व्यवस्था, अकाउंट, ट्रस्ट कार्यालय, पास, व्हीलचेयर आदि व्यवस्था में अलग-अलग कर्मचारी लगे हैं। इसी क्रम में तीर्थ क्षेत्र पुरम, तीर्थ क्षेत्र भवन है।
बताया गया कि बदलाव की प्रक्रिया में लगभग एक हजार कर्मचारी आए हैं। दान काउंटर और चढ़ावे से जुड़े कार्यों को संवेदनशील माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दान करते हैं। ऐसे में चढ़ावे की गणना, संग्रह और सुरक्षित रखे जाने तक की प्रक्रिया में कई स्तरों पर कर्मचारी जुड़े रहते हैं।
खबरें और भी
सूत्रों के अनुसार, पटल परिवर्तन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि मंदिर की नियमित व्यवस्थाएं प्रभावित न हों। अलग-अलग जिम्मेदारियों पर तैनात कर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच एसआईटी स्तर पर चल रही है।
इसी बीच ट्रस्ट की ओर से आंतरिक व्यवस्थाओं में किए जा रहे बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटल परिवर्तन के साथ कर्मचारियों की भूमिका, जिम्मेदारी और तैनाती की अवधि की भी समीक्षा करने के साथ जवाबदेही तय किए जाने की चर्चा है।