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    राम मंदिर में प्रतिदिन नहीं हो पा रही दान की पूरी गिनती, अभी पर्याप्त कर्मी नहीं भेज पा रहा बैंक

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 05:18 AM (IST)

    अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों की पूरी गिनती प्रतिदिन नहीं हो पा रही है, क्योंकि गणना के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। स्टाफ की कमी के क ...और पढ़ें

    राम मंदिर में प्रतिदिन नहीं हो पा रही दान की पूरी धनराशि की गिनती।

    राम मंदिर में प्रतिदिन नहीं हो पा रही दान की पूरी धनराशि की गिनती।

    HighLights

    1. राम मंदिर में दान की गिनती के लिए कर्मचारी कम।

    2. पर्याप्त स्टाफ न होने से प्रतिदिन पूरी गिनती नहीं।

    3. चोरी के बाद स्टाफ की कमी, पारदर्शिता पर जोर।

    लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दानपात्रों में अर्पित की गई पूरी धनराशि की गिनती प्रतिदिन नहीं हो पा रही है। कारण है कि गिनती के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। पहले जहां गणना के लिए एक पाली में 20-25 कर्मी ड्यूटी करते थे, वहीं अब दोनों पालियों को मिला कर भी इतने कर्मचारी नहीं आ रहे हैं।

    इस वजह से प्रतिदिन जितनी धनराशि की गिनती संभव हो पाती है, उतनी होती है और बैंक ले जाकर ट्रस्ट के खाते में जमा करा दी जाती है। बैंक ने इस समस्या से निपटने के लिए दोनों पालियों की अवधि बढ़ा दी है लेकिन इसके बावजूद कई भरी दानपेटियां खुलने का नंबर ही नहीं आ पा रहा है।

    गत पांच जून को चढ़ावे की धनराशि की गणना के दौरान चोरी उजागर होने के बाद ट्रस्टियों का पूरा जोर अब गणना की पारदर्शिता को लेकर है। दो ट्रस्टियों के त्यागपत्र के बाद अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन ने कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि के निर्देशन में गणना प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं।

    इस प्रक्रिया से भूतपूर्व सैनिकों को जोड़ा गया और तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरक्ष: अनुपालन कराने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद गणना में अड़चन आ रही है।

    दरअसल, बैंक द्वारा अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रखे गए छह कर्मियों के जेल चले जाने और चढ़ावा चोरी की एसआइटी व पुलिस जांच के डर से कर्मियों के ड्यूटी छोड़ देने के बाद से संकट उत्पन्न हुआ है।

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    इससे निपटने के लिए बैंक ने अपने कर्मियों को गणना में लगाया है तो है लेकिन पर्याप्त नहीं हैं पहले एजेंसी व बैंक के माध्यम से कुल 22-25 कर्मचारी एक शिफ्ट में ड्यूटी देते थे, अब केवल इसके आधे ही हो पा रहे हैं।

    सूत्रों का कहना है कि गणना कर्मियों की संख्या कम होने से प्रतिदिन एक पाली में पांच से छह दानपेटियां ही खुलती हैं, जबकि राम मंदिर की प्रत्येक दानपेटी एक-दो दिन में भर जाती है।

    पूरे रामजन्मभूमि परिसर में कुल 56 दानपात्र रखे गए हैं। इस संबंध में एसबीआई अयोध्या शाखा के प्रबंधक अनूप कुमार त्रिपाठी से कई बार फोन करने के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।

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