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उत्तर प्रदेश के पीएमश्री स्कूलों में स्पीकर से गूंजेंगी कहानी-कविता, खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल

By Nafees Edited By: Sakshi Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 02:26 PM (GMT+05:30)

अयोध्या के पीएमश्री विद्यालयों में अब बच्चों की पढ़ाई किताबों तक सीमित न रहकर कहानी, कविता और गीतों के माध्यम ...और पढ़ें

तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।

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HighLights

  1. पीएमश्री विद्यालयों में किताबों के बजाय कहानी, कविता से पढ़ाई।

  2. 15 चयनित विद्यालयों को ब्लूटूथ स्पीकर खरीदने हेतु धनराशि मिली।

  3. 3-6 वर्ष के बच्चों का भाषा, अभिव्यक्ति कौशल विकसित होगा।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। पीएमश्री विद्यालयों में अब बच्चों की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। कहानी, कविता, गीत और पहेलियों की आवाज से विद्यालयों का माहौल गुलजार होगा।

बच्चों को सुनने के साथ-साथ अपनी बात कहने और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का भी अवसर मिलेगा। इसके लिए जिले के चयनित 15 पीएमश्री विद्यालयों को ब्लूटूथ स्पीकर खरीदने के लिए पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

रुदौली में 220 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। पीएमश्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में इन स्पीकरों का उपयोग किया जाएगा। इसका सीधा लाभ तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों को मिलेगा। हर शनिवार माडल शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, गीत और पहेलियों से जोड़ेंगे।

इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की भाषा, सुनने की क्षमता, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने और आसपास के वातावरण को समझने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अविनाश पांडेय ने कहा कि श्रव्य माध्यम से सीखने की प्रक्रिया बच्चों के लिए अधिक सहज और रुचिकर होती है। शिक्षक सत्येंद्र पाल व मोहम्मद गयास ने कहा कि कहानी, कविता और गीत के माध्यम से बच्चों में सीखने के साथ आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता भी विकसित होगी।

खण्ड शिक्षा अधिकारी रमाकांत राम ने बताया कि चयनित विद्यालयों को स्पीकर खरीदने के लिए पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई है। खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इसका उपयोग शुरू कराया जाएगा।