बम बनाना सीख रहे सरफराज के पास मिली मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की मुहर, पूछताछ के बाद सशर्त परिचितों को सौंपा गया
अयोध्या में पैरामेडिकल छात्र सरफराज के पास से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की मुहर मिली है, जिससे उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
पैरामेडिकल छात्र सरफराज के पास प्राचार्य की मुहर मिली।
मोबाइल से बम बनाने का तरीका सीख रहा था सरफराज।
खुफिया एजेंसियां कर रही हैं छात्र से गहन पूछताछ।
रविप्रकाश श्रीवास्तव, अयोध्या। पैरा मेडिकल छात्र सरफराज से जुड़ा एक और रहस्योद्घाटन हुआ है। मोबाइल में देख कर बम बनाने का तरीका सीख रहे सरफराज के पास मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की मुहर भी मिली है। इस मुहर का वह अब तक कहां-कहां उपयोग कर चुका है, यह बात अभी सामने नहीं आई है।
आशंका है कि वह संदिग्ध अभिलेख तैयार करने के लिए मुहर का उपयोग करता था। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि मुहर से उसे मेडिकल कॉलेज में कार्यालय के बाहर पड़ी मिली थी। लावारिस मिली मुहर को किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी को सौंपने के बजाय उसे अपने पास रखना कई सवाल खड़े करता है।
शनिवार को सरफराज को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उसके किराये के कमरे पर भी गई, जो दर्शननगर में मेडिकल कॉलेज के निकट ही है। कमरे से कुछ भगवा कपड़े एवं धोती भी मिलने की सूचना है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। छात्र सरफराज के पास से राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की मुहर मिलना भी जांच के दायरे में है।
बलरामपुर जिले के कोतवाली नगर अंतर्गत सिटी पैलेस रोड, पुरैनिया तालाब निवासी सरफराज मेडिकल कॉलेज का पैरामेडिकल छात्र है। आईबी, एटीएस सहित कई सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की है। पुलिस उसके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में लगी है।
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सरफराज के गृह जिले की पुलिस से भी संपर्क कर उसके नाम एवं पते का सत्यापन किया जा चुका है। पुलिस मेडिकल कालेज में उसके सहपाठियों से भी जानकारी जुटा रही है। सरफराज के साथ ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ पूरी कर ली गई है। रविवार को भी उससे खुफिया एजेंसियों से पूछताछ की।
वह अपने बयान पर कायम है कि वह किसी देश विरोधी गतिविधि में लिप्त नहीं है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी उसके किसी देश विरोधी गतिविधि में लिप्त होने की बात सामने नहीं आई है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि छात्र से अभी एजेंसियां पूछताछ कर चुकी हैं। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि छात्र को सशर्त उसके परिचितों के सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ के लिए बुलाने पर उसे उपस्थित होना पड़ेगा।