'कुछ लोगों के कारण राम मंदिर ट्रस्ट को बदनाम करना उचित नहीं'; चढ़ावा चोरी मामले पर बोले राजकुमारदास
अयोध्या में संतों और विहिप नेताओं ने राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक की, जिसमें चढ़ावा चोरी के बाद उपजे अविश्वास को दूर करने पर जोर दिया गया। ...और पढ़ें

मणिरामदास जी की छावनी के राम सत्संग भवन में विहिप नेताओं एवं संतों की बैठक के दौरान उपस्थित राजकुमार दास, आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, महांत जनार्दन दास एवं महांत संजय दास क्रमश: बाएं से दाएं
HighLights
राम मंदिर ट्रस्ट को बदनाम करना अनुचित: संत समाज।
चढ़ावा चोरी पर एसआईटी जांच पर भरोसा रखें।
चंपतराय निर्दोष, रामलला की सेवा को समर्पित: संत।
संवाद सूत्र, अयोध्या। मणिरामदास जी की छावनी परिसर स्थित राम सत्संग भवन में साधु-संतों एवं विहिप नेताओं ने बैठक की।
बैठक में राम मंदिर में दैनिक पूजा-अर्चना, आरती, भोग और सभी धार्मिक उत्सवों के निष्पादन के लिए रामानंदीय परंपरा के संतों से युक्त धार्मिक समिति बनाए जाने के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की गई। साथ ही चढ़ावा चोरी के बाद देश भर के करोड़ों रामभक्तों के मन में उपजे अविश्वास को दूर करने एवं तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख बचाने का भी जोर रहा।
इस दौरान राम मंदिर की धार्मिक समिति में शामिल संतों का सम्मान भी किया गया। अनेक वक्ताओं ने संतों की आम सहमति के साथ कहा कि कुछ लोगों की गलती के कारण पूरे राम मंदिर ट्रस्ट और संत समाज को बदनाम करना उचित नहीं है। संतों ने एसआईटी जांच पूरी होने तक किसी पर आरोप न लगाने और अंतिम रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने का सुझाव भी दोहराया।
धार्मिक समिति में शामिल किए गए शीर्ष पीठ रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास ने कहा कि आरोपी जेल में हैं और जांच जारी है। जांच पूरी होने के पूर्व हमें किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। धार्मिक समिति में शामिल एक अन्य महांत मिथिलेशनंदिनीशरण ने कहा कि नौ सदस्यीय धार्मिक समिति रामानंदीय परंपरा के अनुरूप रामलला की पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करेगी।
वशिष्ठभवन के महांत डॉ. राघवेशदास ने कहा, अयोध्या को या श्रीराम के प्रति समर्पित हिंदुत्व के गौरव चंपतराय को बदनाम करने की मुहिम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती और संत समाज ऐसे कुत्सित अभियान का प्रत्युत्तर देने को तैयार है। इस अवसर पर पत्थर मंदिर के महांत मनीषदास, रामाश्रम के महांत जयरामदास, महामंडलेश्वर महांत गिरीशदास, निर्वाणी अनी के श्रीमहांत मुरलीदास आदि ने भी विचार रखे।
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इस बीच संत समाज ने रामभक्तों से अफवाहों और दुष्प्रचार से दूर रहकर श्रीराम के प्रति अपनी आस्था बनाए रखने तथा एसआइटी जांच पर भरोसा रखने की अपील की। संतों ने महासचिव चंपतराय को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन रामलला की सेवा को समर्पित किया है और संत समाज उनके साथ खड़ा है।
बैठक में मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महांत कमलनयनदास, नाका हनुमानगढ़ी के महांत रामदास, वैदेहीवल्लभकुंज के महांत वैदेहीवल्लभशरण, संकटमोचनसेना के अध्यक्ष एवं अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता संजयदास, हनुमानगढ़ी से जुड़े महांत गौरीदास, रामकचेहरी मंदिर के महांत शशिकांतदास, सद्गुरु बधाईभवन के महांत राजीवलोचनशरण, संत करपात्री महाराज, महांत रामानुजशरण आदि संतों सहित विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेशचंद्र, महामंत्री बजरंगलाल बांगड़ा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, संघ के प्रांत प्रचारक कौशलकिशोर, महानगर प्रचारक सुदीप आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
निशाना साधने वालों के बहिष्कार की तैयारी
हनुमानकिला के महांत परशुरामदास के सुझाव पर ऐसे लोगों के बहिष्कार की चर्चा की गई, जो बिना बात के हिंदुत्व, राम मंदिर एवं संतों को निशाना बनाते हैं। साथ ही संत समाज का अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किए जाने पर भी विचार किया गया।
वह निरपराध और प्रभु राम के सच्चे भक्त: बांगड़ा
संत मंडल की बैठक में शामिल विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा ने कहा कि चढ़ावा चोरी के जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है और जो निरपराध हैं वह फिर से समाज में आकर अपना सेवा कार्य करेंगे। चंपतराय के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह निरपराध हैं और प्रभु राम के सच्चे भक्त हैं।