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    अयोध्या बनी चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र, उपचार की तीनों विधियों के मेडिकल कॉलेज से लैस हुई

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 10:31 AM (GMT+05:30)

    अयोध्या अब चिकित्सा की तीनों प्रमुख विधियों (होम्योपैथी, एलोपैथी, आयुर्वेद) के मेडिकल कॉलेजों से सुसज्जित हो गई है, जिससे यह धार्मिक नगरी एक महत्वपूर् ...और पढ़ें

    अयोध्या मेडिकल कॉलेज।

    अयोध्या मेडिकल कॉलेज।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। अयोध्या की पहचान यूं तो रामलला की जन्मभूमि के तौर पर धार्मिक नगरी के रूप में है, लेकिन अयोध्या अब उन जिलों के क्लब में भी शामिल हो चुका है, जहां चिकित्सा की तीनों प्रमुख विधियों के महाविद्यालय हैं।

    डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज जिले का पहला चिकित्सा महाविद्यालय है, जिसकी स्थापना डॉ. बृजकिशोर ने वर्ष 1972 में की थी। शुरुआत में मेडिकल कॉलेज का संचालन निजी संस्था करती थी, लेकिन आपातकाल के दौरान राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया।

    महाविद्यालय में बीएचएमएस (बैचलर आफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई होती है। इसके बाद विशेष बात यह है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व काल में जिले को दो और मेडिकल कॉलेज मिले।

    वर्ष 2019 में जिले को दूसरे मेडिकल कॉलेज के तौर पर दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ चिकित्सा महाविद्यालय मिला। महाविद्यालय में हार्ट और न्यूरो के सुपर स्पेशलिस्ट भी तैनात हो चुके हैं, लेकिन कैथलैब नहीं होने से अभी एंजियोग्राफी आरंभ नहीं हो सकी है।

    न्यूरो सर्जन के तौर पर डॉ. विक्रांत यादव और डॉ. विकास द्विवेदी की तैनाती है। न्यूरो फिजीशियन के पद पर डॉ. विमलेश वर्मा हैं। वहीं हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. स्वाति शुक्ला हैं। मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ मशीन की आवश्यकता है।

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    इसके साथ ही रुदौली तहसील के मांजनपुर में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है, जिसका उद्घाटन हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। हालांकि, महाविद्यालय में अभी आयुर्वेद की पढ़ाई आरंभ होने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा।

    पढ़ाई आरंभ करने से पहले कम से कम दो वर्ष तक चिकित्सालय के रूप में संचालित किया जाएगा। पदों के सृजन और चिकित्सकों की नियुक्ति के उपरांत चिकित्सालय भी शीघ्र पूरी क्षमता से चलेगा। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह विष्णु ने बताया कि पदों के सृजन के लिए पत्रावली शासन भेजी गई है।

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