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दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद पाने वाले पूर्व एमएलसी के गनर की बर्खास्तगी, पुलिस ने किया था निलंबित

Published: Sat, 22 Aug 2026 07:05 PM (IST)

पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक के साथ दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वाले गनर अवनीश प्रताप सिंह को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है।

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HighLights

  1. पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के गनर अवनीश प्रताप सिंह बर्खास्त।

  2. दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने पर कार्रवाई।

  3. 15 मार्च 2020 को औरैया में हुई थी गोलीबारी।

जागरण संवाददाता, औरैया। दोहरे हत्याकांड व संबंधित मामलों में विशेष एमपीएमएलए कोर्ट द्वारा 19 अगस्त को पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 लोगों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा में शामिल यूपी-112 में तैनात पुलिस कर्मी अवनीश प्रताप सिंह (कमलेश पाठक का गनर) को शुक्रवार पुलिस विभाग से निलंबित कर दिया गया।

एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में मुकदमा दर्ज होने के बाद निलंबित किए गए गनर अवनीश प्रताप सिंह को पुलिस विभाग ने निलंबित कर दिया गया था। हाई कोर्ट के आदेश पर बहाली मिली थी। सजा होने के बाद उन्हें दोबारा से निलंबित किया गया। अब उन्हें बर्खास्त किया गया है।

15 मार्च 2020 को शहर के मध्य मुहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में दिन-दहाड़े हुई गोलीबारी में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की हत्या कर दी गई थी।

पीड़ित स्वजन की ओर से आशीष कुमार चौबे ने हत्या का आरोप पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई संतोष पाठक पूर्व ब्लाक प्रमुख, रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ला, यूपी-112 में तैनात रहे सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह, ड्राइवर लवकुश सविता, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी व रविंद्र चौबे के खिलाफ लगाया।

पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस की मौजूदगी में हुई फायरिंग व हत्या के कारण पुलिस उपनिरीक्षक नीरज त्रिपाठी ने 19 आरोपितों के खिलाफ प्राणघातक हमले का मामला दर्जकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

इस हत्याकांड के 11 आरोपितों के अतिरिक्त सच्चिदानंद तिवारी, हरगोविंद उर्फ गुड्डू, रामचंद्र मिश्र भइयन, राजेंद्र वाजपेयी, आलोक, शुभम द्विवेदी, सतेन्द्र मिश्र उर्फ डब्बू व रवि चतुर्वेदी को भी नामजद किया। इसमें सभासद रवि चतुर्वेदी की मृत्यु हो चुकी है।

आरोपित लवकुश सविता का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त हत्याकांड से संबंधित एक और मुकदमा आयुध अधिनियम का नौ आरोपितों के खिलाफ चला। इन तीनों मामलों का विचारण एक साथ विशेष न्यायालय एमपीएमएलए में हुआ। मुहल्ला नरायनपुर निवासी वादी सुधा के भाई आशीष कुमार निवासी मुहल्ला नारायणपुर द्वारा थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

न्यायालय ने कमलेश पाठक निवासी भडारीपुर हाल पता मुहल्ला बनारसी दास, रामू व संतोष पाठक, रविंद्र चौबे, शिवम अवस्थी, कुलदीप अवस्थी निवासी मुहल्ला विधीचंद्र, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ला भगवताचार्य मुहल्ला ब्रह्मनगर, अवनीश प्रताप सिंह निवासी गुमानपुर थाना रिजौर जनपद एटा, आशीष दुबे निवासी होमगंज को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई।

अर्थदंड से दंडित किया था। सभी आरोपित के खिलाफ हत्या और प्राणघात हमला सिद्ध हुआ था। आर्म्स एक्ट में अलग-अलग कार्रवाई हुई थी। हत्या के आरोपित लवकुश सविता उर्फ छोटू का किशोर न्याय बोर्ड में मामला विचाराधीन है।

एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि गनर अवनीश प्रताप सिंह को 15 मार्च 2020 को निलंबित कर दिया गया था। बहाली की तिथि नौ मई 2025 को किया गया था। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में एक अप्रैल 2024 को आदेश जारी हुआ था। बीती 19 अगस्त को आजीवन सश्रम कारावास की सजा होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है।

दोषियों को यह हुई थी सजा

अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी बहन सुधा की हत्या के मामले में दोषसिद्ध कमलेश पाठक, पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प, राजेश शुक्ला, अवनीश प्रताप सिंह, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी व रविन्द्र को आजीवन कारावास व प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

प्राणघातक हमले के मामले में कमलेश पाठक, पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प, राजेश शुक्ला, अवनीश प्रताप सिंह, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी व रविन्द्र उर्फ लला चौबे को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

आयुध अधिनियम में मिली सजा पर गौर किया जाए तो पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, संतोष पाठक, विकल्प उर्फ चैनू अवस्थी को सात-सात वर्ष कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

रामू पाठक, राजेश शुक्ला को तीन-तीन वर्ष कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आदेशित किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी।