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    औरैया में प्रताड़ना से आहत डाक्टर ने यमुना में कूद दी जान, दो अस्पताल सील, 3 गिरफ्तार

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 06:53 PM (IST)

    औरैया में अस्पताल प्रबंधन की प्रताड़ना से आहत होकर डा. सौरभ ने यमुना में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में दो अस्पताल सील कर दिए गए हैं और अब तक अस् ...और पढ़ें

    डा. सौरभ बाजपेयी की फाइलफोटो। स्वजन

    डा. सौरभ बाजपेयी की फाइलफोटो। स्वजन

    HighLights

    1. प्रताड़ना से आहत डा. सौरभ ने यमुना में कूदकर जान दी।

    2. मामले में रामऔतार मेमोरियल के दोनों अस्पताल सील किए गए।

    3. अस्पताल संचालक समेत तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    जागरण संवाददाता, औरैया। अस्पताल प्रबंधन की प्रताड़ना और मारपीट पर यमुना नदी में कूदकर खुदकुशी करने वाले डा. सौरभ के मामले में पुलिस ने शनिवार शाम अस्पताल संचालक के बहनोई को मिहौली गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। घटना में यह तीसरी गिरफ्तारी है। अस्पताल संचालक और वार्ड ब्वाय की गिरफ्तारी पूर्व में हो चुकी है। पुलिस की जांच जारी है। पुराना और नया दोनों अस्पताल सील किया गया है।

    लखीमपुर खीरी जनपद के मोहम्मदी कोतवाली अंतर्गत गांव शेखापुर निवासी डा. सौरभ तिलकनगर स्थित रामऔतार मेमोरियल हास्पिटल में बतौर सहायक चिकित्सक थे। तीन वर्षों से सेवाएं दे रहे थे, वेतन समय पर न देने और रहने को अलग से कोई कमरा न दिलाए जाने को लेकर उनका अक्सर प्रबंध तंत्र से विवाद होता था।

    15 जुलाई को उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए चार अलग-अलग वीडियो बनाए। तीन फेसबुक लाइव पर और एक यमुना नदी के शेरगढ़ घाट पर पहुंचकर। इसके बाद यमुना में कूद गए। उनका शव अगले दिन 16 जुलाई की सुबह मिला था।

    घटना से पहले उनके द्वारा बनाए गए वीडियो में यह कहते नजर आए कि अस्पताल संचालक डा. एसपी सिंह के बहनोई सर्वेश सिंह ने उन्हें पीटा। सर्वेश के बेटे गौरव सिंह, वार्ड ब्वाय मोहन व कुछ अन्य लोगों पर आरोप लगाए। यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वेतन नहीं दिया जाता। अपनी बात रखता हूं तो प्रताड़ित किया जाता। मुझे कमरे में बंद कर दिया गया है।

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    सौरभ की पत्नी ने रोते हुए घटनास्थल पर बताया था कि उसके पति से सर्वेश सिंह का अक्सर विवाद होता था। सर्वेश अस्पताल में गाड़ी चलता है। जिस वजह से उसे सौरभ ड्राइवर कहकर बुलाते थे, यह बात उसे अच्छी नहीं लगती थी। वह चाहता था कि उसे जीजा कहकर बुलाएं।

    सदर कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि 39 वर्षीय एसपी सिंह उर्फ शशिप्रताप पुत्र शिव प्रताप सिंह मूल रूप से फतेहपुर जनपद के थाना औंग अंतर्गत गढी कीचकपुर गांव निवासी हैं। वर्तमान पता आवास विकास कालोनी है। जहां वह अंशुमन कुशवाह के मकान में रहते हैं। 21 वर्षीय मोहन पुत्र राजकुमार कुशवाह निवासी आवास विकास कालोनी सदर कोतवाली है।

    दोनों की गिरफ्तारी के बाद एसपी सिंह के बहनोई सर्वेश सिंह निवासी हाजिलपुर सिकंदरा थाना कानपुर देहात जनपद को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित ने पूछताछ में घटना स्वीकार की है। आरोपित को रविवार सुबह न्यायालय में पेश कर इटावा जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। नामजद आरोपितों में शामिल सर्वेश के पुत्र गौरव को गिरफ्तार करने के लिए टीम प्रयासरत है। अन्य अज्ञात है। जैसा कि स्वजन ने पुलिस को बताया था कि 10 से अधिक लोग घटना में शामिल थे।

    कुछ कदम की दूरी पर दूसरा अस्पताल

    रामऔतार मेमोरियल हास्पिटल मालिक एसपी सिंह ने कुछ कदम की दूरी पर तिलकनगर में ही दूसरा अस्पताल बना रखा था। जिसके दस्तावेज पूरे नहीं थे। लाइसेंस भी नहीं था। डिप्टी सीएमओ डा. राकेश सचान ने बताया कि नया व पुराना दोनों हास्पिटल को सील किया गया है। संबंधित दस्तावेजों की जानकारी कराई जा रही। नए अस्पताल का लाइसेंस नहीं था। कार्रवाई करने वाली टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह भी रहे। उन्होंने फायर सेफ्टी संबंधी जांच की।

    तहरीर में सिर्फ घटना का जिक्र

    बेटे की मौत पर पिता नंद किशोर द्वारा तहरीर देकर सदर कोतवाली में गुरुवार मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने घटनाक्रम का जिक्र तहरीर में किया। कोतवाली प्रभारी से लेकर पुलिस पर जो आरोप लगे, इन बातों का जिक्र नहीं किया गया। जबकि, खुदकुशी करने से पहले डा. सौरभ ने जो वीडियो बनाया, उसमे वह कहते हुए नजर आए कि सदर कोतवाली प्रभारी द्वारा उनकी बातों को नहीं सुना गया। सजातीय होने का आरोप भी लगाया था। फिलहाल, एसपी अभिषेक भारती हर बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच करा रहे हैं।

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