दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और फर्जी निकाह का शिकार बनी 15 वर्षीय नाबालिग, अब बेटे के हक के लिए भटक रही दर-दर
अमरोहा में एक 15 वर्षीय नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का शिकार होकर गर्भवती हुई। फर्जी निकाह के बाद भी ...और पढ़ें

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HighLights
बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान, पुलिस को किया पत्राचार
राहुल शर्मा, अमरोहा। खेलने-पढ़ने की उम्र में एक मजदूर की 15 वर्षीय बेटी को अपने ही मुहल्ले के दो युवकों की कथित ज्यादती का सामना करना पड़ा। आरोप है कि युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर वे सात महीने तक उसका शोषण करते रहे। किशोरी गर्भवती हुई तो मामला सामने आया।
पंचायत में निकाह कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन दो दिन बाद एक आरोपित के नाम से फर्जी निकाहनामा तैयार कराकर मामला शांत करा दिया। उसे ससुराल नहीं भेजा गया। अब बेटे के जन्म के बाद वह पिता का नाम दिलाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले का है। पीड़ित के अनुसार, जनवरी 2025 में दोनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी। इसके बाद वे उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करते रहे।
अगस्त 2025 में वह गर्भवती हुई तो परिजनों ने पूछताछ की। उसने आपबीती बताई। इसके बाद पंचायत हुई और एक आरोपित से निकाह कराने की सहमति बनी। हालांकि, फर्जी निकाहनामा बनवाने के बाद भी उसे ससुराल नहीं भेजा गया और वह पिता के घर ही रही।
मई 2026 में उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन निकाहनामा बनवाने वाले आरोपित ने उसे स्वीकार नहीं किया। पीड़ित और उसके पिता का आरोप है कि वे पुलिस के पास गए।
मगर, मामले को पारिवारिक बताकर समझौते की बात कही गई और कार्रवाई नहीं हुई। अब छह महीने से पिता-पुत्री न्याय के लिए भटक रहे हैं। दोनों आरोपितों के खिलाफ आरोपों के बीच बच्चे के वास्तविक पिता की पहचान का सवाल भी है।
मामला बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आने के बाद समिति अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने पुलिस अधीक्षक और नगर कोतवाली प्रभारी को पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। डीजीपी कार्यालय से भी पत्राचार किया गया है। समिति ने पुलिस से कार्रवाई करने और बच्चे के वास्तविक पिता का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
