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    अमेठी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, मंत्री ने किसानों से की अपील

    Updated: Sat, 20 Jun 2026 04:28 PM (IST)

    अमेठी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने किसानों से प्राकृतिक खेत ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

    2. किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

    3. रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर आय बढ़ाने पर जोर।

    जागरण संवाददाता, अमेठी। जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में शुक्रवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। दूसरे दिन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला रही।

    प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

    प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, सुरक्षित पर्यावरण और समृद्ध किसान का आधार है। रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा कृषि लागत में कमी लाई जा सकती है।

    किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे प्राकृतिक खेती, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य एवं कृषि से जुड़े अन्य विभागों की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में एक आदर्श माडल के रूप में विकसित हो सकता है।

    जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाय, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को हो रहे लाभ के संबंध में जानकारी प्रदान की।

    जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने प्राकृतिक खेती की कार्यशाला एवं ग्रामीण स्तर पर संचालित खेत बचाओ अभियान की प्रशंसा की। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से जिले के अन्नदाताओं को लाभ प्राप्त होता है और किसानों में जागरूकता आती है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती से जुड़ने का आहवान किया। जनस्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण के लिए रसायनयुक्त खेती को विराम दिए ये जाने की बात कही।

    उप कृषि निदेशक सतेंद्र कुमार ने विभागीय योजनाओं से किसानों को होने वाले लाभ एवं खरीफ अभियान की तैयारी के संबंध में जानकारी प्रदान की। जिले में कोदो, सावां, रागी, मडुआ, ज्वार, बाजरा के बीज मिनीकिट निश्शुल्क दर्शन वन पोर्टल पर बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध कराया जाने की बात बताई।

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    इस मौके सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ ही लगभग 400 किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने दस कृषकों को बाजरा के मिनीकिट एवं दो किसानों को अनुदानित कृषि यंत्रों की चाबी प्रदान की।