अमेरिकी टैरिफ विधेयक से अलीगढ़ के निर्यात कारोबार पर मंडराया खतरा, नई तलवार से निर्यातक चिंतित
अमेरिकी सीनेट द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने के विधेयक से अलीगढ़ के निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अमेरिकी सीनेट ने रूस तेल खरीद पर टैरिफ बिल पास किया।
अलीगढ़ के निर्यातकों को 100% अतिरिक्त टैरिफ का डर सताया।
भारत सरकार से अमेरिकी प्रशासन से बातचीत की उम्मीद जताई गई।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अमेरिकी पहल ने अलीगढ़ के निर्यात कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका के सीनेट ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें रूस के प्रमुख ऊर्जा खरीदार देशों के उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रविधान है।
भारत भी रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने वाले देशों में शामिल है, ऐसे में यदि यह भारत पर लागू होता है तो अमेरिका को निर्यात करने वाले अलीगढ़ के कारोबारियों पर भी सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल यह टैरिफ लागू नहीं हुआ है और विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना है।
हर वर्ष अलीगढ़ से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न उत्पादों का निर्यात होता है। इनमें हार्डवेयर के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, दवाएं और अन्य औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका की टैरिफ नीति का असर पहले से ही कारोबार पर पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैरिफ के कारण अमेरिका को होने वाला अलीगढ़ का निर्यात करीब 30 से 35 प्रतिशत तक घटने का दावा कारोबारी कर रहे हैं।
अमेरिका यदि भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ लागू करता है तो भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगा हो जाएगा। इससे अलीगढ़ के हार्डवेयर और अन्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होगी। पहले से टैरिफ की मार झेल रहे निर्यातकों के सामने नए ऑर्डर हासिल करने और पुराने बाजार को बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
खबरें और भी
कुछ कारोबारी फिलहाल स्थिति को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि विधेयक अभी कानून बनकर लागू नहीं हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति के पास टैरिफ लगाने या उसमें छूट देने का अधिकार होगा। इसलिए वास्तविक असर तभी स्पष्ट होगा, जब पूरी व्यवस्था सामने आएगी।
दबाव की नीति से बढ़ी चिंता
निर्यात कारोबारियों के मुताबिक अमेरिका लगातार रूस से व्यापार करने वाले देशों पर दबाव बनाने की नीति अपना रहा है। ऐसे में भारत सरकार का रुख भी महत्वपूर्ण होगा। कारोबारियों को उम्मीद है कि सरकार अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत के जरिए भारतीय निर्यात को संभावित अतिरिक्त टैरिफ से बचाने का रास्ता तलाशेगी।
अमेरिका में विधेयक की आगे की प्रक्रिया पर नजर
अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए महत्वपूर्ण बाजार है। ऐसे में अलीगढ़ के कारोबारियों की नजर अब अमेरिका में विधेयक की आगे की प्रक्रिया और भारत सरकार की रणनीति पर है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ वास्तव में लागू होता है तो इसका असर केवल निर्यात कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्पादन, रोजगार और स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
इनका कहना है
जब तक कोई चीज लागू नहीं हो जाती है उसके प्रभाव के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। टैरिफ किस पर लगाएंगे यह भी पता नहीं है। यह दबाव बनाने की भी रणनीति हो सकती है। 100 प्रतिशत टैरिफ किसी भी आइटम पर लगा तो कारोबार पर नुकसान तो होगा।
-राकेश अग्रवाल, उमा एक्सपोर्ट
कारोबारी संबंधों को लेकर भारत की अमेरिका से बात चली रही है, कुछ भी सहमति भी बनी है। इसी बीच अमेरिका द्वारा टैरिफ को लेकर विधेयक लगाया गया है। देखना यह है कि यह लागू होता है या नहीं।
-धनजीत वाड्रा, एक्सपोर्टर
टैरिफ के उतार चढ़ाव के चलते वर्ष 2025-26 में 30 से 35 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट प्रभावित हुआ है। इतना टैरिफ लागू हुआ तो कारोबारियों को बहुत नुकसान हो जाएगा। अलीगढ़ से ज्यादा तो मुरादाबाद का कारोबार प्रभावित हुआ है।
-आदित्य बजाज, सचिव अलीगढ़ भारतीय उद्योग संघ