अलीगढ़ में टप्पल लाजिस्टिक पार्क परियोजना को मिली गति, भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ, SIA सर्वे पूरा
टप्पल मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क के लिए सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) सर्वे पूरा हो गया है। रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्र ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
एसआइए सर्वे पूरा, रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया होगी शुरू।
टप्पल में 640 करोड़ का निवेश, 10 हजार रोजगार।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी का लाभ उठाने वाली टप्पल की महत्वाकांक्षी मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क परियोजना अब जमीन पर उतरने के एक कदम और करीब पहुंच गई है।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले कराया जा रहा सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) सर्वे पूरा हो चुका है। अब अलीगढ़ प्रशासन इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी में है। अगले दो-तीन दिन में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ओर से टप्पल क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के लिए श्यारोल व डोरपुरी गांवों की भूमि ली जानी है। करीब 165 हेक्टेयर क्षेत्र में मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क विकसित करने की योजना है।
परियोजना के धरातल पर आने के बाद टप्पल क्षेत्र में औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। भूमि अधिग्रहण से पहले शासन ने एसआईए सर्वे के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को एजेंसी नामित किया था।
एजेंसी की टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अब इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराना बाकी है। जल्द ही यह मिल जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण व आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट शासन को भेजने का लक्ष्य है। शासन से रिपोर्ट पर मुहर लगने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। इसके बाद संबंधित किसानों और भूमि स्वामियों से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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640 करोड़ के निवेश का अनुमान
लाजिस्टिक पार्क में करीब 640 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है। परियोजना में 12 वेयरहाउस व छह से अधिक भंडारण केंद्र विकसित किए जाने प्रस्तावित हैं।
इसके चलते करीब 10 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई जा रही है। यीडा की ओर से लाजिस्टिक पार्क के विकास के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) तैयार कराया जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बेहद करीब होने के कारण टप्पल को इस परियोजना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद माल परिवहन व भंडारण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। ऐसे में लाजिस्टिक पार्क को एयरपोर्ट आधारित औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
अवैध कालोनियों से भी चुनौती
टप्पल क्षेत्र में एयरपोर्ट की घोषणा के बाद जमीन की कीमतों व व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसका असर अवैध प्लाटिंग व कालोनियों के रूप में भी सामने आया है। यीडा व जिला प्रशासन पहले भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं।
पुलिस स्तर पर भी कालोनाइजर और भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। प्राधिकरण को आशंका है कि तेजी से हो रही अवैध प्लाटिंग से उसकी प्रस्तावित योजनाओं के लिए उपलब्ध भूमि प्रभावित हो सकती है।
एयरपोर्ट की नजदीकी से बढ़ेंगी संभावनाएं
मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क का सबसे बड़ा लाभ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता को माना जा रहा है। एयरपोर्ट से जुड़ी माल ढुलाई, वेयरहाउसिंग, भंडारण व परिवहन गतिविधियों को यहां आधार मिल सकता है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद परियोजना के विकास की दिशा में तेजी आएगी।
लाजिस्टिक पार्क के लिए एसआईए सर्वे की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। अगले कुछ दिनों में इसे शासन में भेजा जाएगा। वहां से मुहर लगते ही अधिग्रहण शुरू हो जाएगा।
-अतुल गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट