अलीगढ़: RMPS यूनिवर्सिटी में जमकर हंगामा, प्रशासनिक ब्लॉक पर छात्रों ने जड़े ताले; ढाई घंटे तक फंसे रहे कर्मचारी
धर्म समाज कॉलेज के एलएलबी और बीएएलएलबी बैक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों ने आरएमपीएसयू, अलीगढ़ में जमकर हंगामा किया और प्रशासनिक भवन को ताला लगा दिया ...और पढ़ें

राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक पर ताला जड़कर बैठे छात्र।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। धर्म समाज कॉलेज के एलएलबी और बीएएलएलबी द्वितीय व तृतीय वर्ष की बैक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों ने सोमवार को फिर जा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीएसयू) में जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक भवन में प्रवेश रोकने पर छात्र गेट के सामने धरने पर बैठ गए।
दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी और प्रशासनिक भवन के तीनों गेटों पर ताले जड़ दिए। इससे करीब ढाई घंटे तक कर्मचारी भवन में ही फंसे रहे। शाम को रजिस्ट्रार ने मंगलवार को मामले में निर्णय लेने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन स्थगित कर ताले खोल दिए।
धर्म समाज महाविद्यालय के एलएलबी व बीएएलएलबी द्वितीय और तृतीय वर्ष की री-बैक परीक्षा में 50 से अधिक विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए हैं। इसे लेकर छात्र 27 व 28 जुलाई और तीन अगस्त को भी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर चुके हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन हर बार राज्यपाल के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट कर चुका है कि एक्स (पूर्व) विद्यार्थियों को अगले प्रवेश से पहले संबंधित बैक परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इसके बावजूद छात्र ग्रेस मार्क्स देकर उत्तीर्ण करने की मांग पर अड़े हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे 20-25 छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे।
छात्रों के अनुसार, उन्हें देखते ही प्रशासनिक भवन के गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों और छात्रों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद छात्र गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए।
करीब दो घंटे बाद परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार और डिप्टी रजिस्ट्रार पवन कुमार छात्रों से वार्ता करने पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय निर्धारित नियमों के अनुसार ही निर्णय करेगा। वार्ता बेनतीजा रहने पर अधिकारी कार्यालय चले गए। इससे नाराज छात्रों ने गेट के सामने चादर बिछाकर भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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दोपहर एक बजे बहुजन विद्यार्थी एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार भी विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रबंधन से वार्ता कर कहा कि छात्र करीब दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने आगरा के डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की तर्ज पर ग्रेस मार्क्स देने की मांग रखी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी सुविधा केवल अंतिम वर्ष के छात्रों को ही दी जा सकती है। दोपहर करीब दो बजे कुलपति समेत अन्य अधिकारी कार्यालय छोड़कर आवास चले गए।
ताले जड़े, अधिकारियों का प्रवेश भी रोका
दोपहर करीब ढाई बजे परीक्षा नियंत्रक दोबारा छात्रों से वार्ता करने पहुंचे। छात्र सभी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उत्तीर्ण करने की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई, लेकिन छात्र पीछे नहीं हटे। करीब साढ़े तीन बजे छात्रों ने प्रशासनिक भवन के तीनों गेटों पर ताले जड़ दिए। करीब ढाई घंटे तक कर्मचारी कार्यालयों में फंसे रहे।
परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारियों को भी भवन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। छात्र तीनों गेटों पर डटे रहे। इससे प्रशासनिक भवन का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थी, अभिभावक और अन्य लोग भी परेशान रहे। कई कर्मचारी तो छत के रास्ते कूदकर बाहर निकले।
मंगलवार को रिपोर्ट के बाद होगा निर्णय
शाम करीब छह बजे रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह और अन्य अधिकारी छात्रों से वार्ता करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित दो समितियां मंगलवार को अपनी रिपोर्ट देंगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। आरोप है कि निजी बाउंसरों ने छात्रों से धक्का-मुक्की की। लोधा पुलिस के हस्तक्षेप और मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ।
छात्रों को मंगलवार सुबह समाधान निकालने के लिए पुन: वार्ता के लिए बुलाया गया, इस आश्वासन मिलने पर छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया और प्रशासनिक भवन के ताले खोल दिए। मनमोहन पाठक, प्रयोल अग्निहोत्री, अभिषेक कुमार, विनोद कुमार, अनिल मौर्य, नितिन कुमार, शिवम कुमार, मयंक वार्ष्णेय, तुषार कुमार, निशा सिंह, शिखा शर्मा, शीतल कुमारी व अन्य विधि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित मूल्यांकन मानकों का पालन जरूरी है। विधि पाठ्यक्रमों में 86 प्रतिशत तक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। अनुत्तीर्ण छात्रों को बैक परीक्षा में बैठने का अवसर भी दिया गया था, जिसमें वे सफल नहीं हुए। अब नियमों से हटकर उत्तीर्ण करने की मांग की जा रही है। विश्वविद्यालय किसी भी तरह की अराजकता को स्वीकार नहीं करेगा।
रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह