अस्पताल में रोज पहुंच रहे फैटी लिवर के मरीज, किशोरों में समस्या सबसे अधिक, हार्ट अटैक का खतरा
फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर किशोरों और युवाओं में। ओपीडी में हर दसवां मरीज इस समस्या से ग्रसित है। फास्ट फूड, मोटापा और खराब जीवनशैल ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर की जगह इस समय सबसे अधिक बीमारी फैटी लिवर की हो रही है। मेडिकल कालेज, मलखान सिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाला हर दसवां मरीज फैटी लिवर की समस्या से ग्रसित है।
डाॅक्टर के अनुसार, फास्ट फूड, मोटापा, खराब खानपान ठीक न होना मुख्य वजह है। रोज 30 से 35 मरीज लिवर से जुड़ी समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें 15 से 20 साल तक के किशोर व युवा भी हैं।
लिवर संबंधी बीमारी के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। इस साल की लिवर की बीमारी का सीधा संबंध खानपान और वर्तमान जीवन शैली से जुड़ा है।
जिला अस्पताल और संयुक्त चिकित्सालय में कोई भी गैस्टोलाजिस्ट नहीं है। यहां पर आने वाले मरीजों को कंसल्ट्रेट प्राथमिक उपचार व सलाह ही महज देते है। जबकि ज्यादा समस्या होने पर उन्हें मेडिकल कालेज भेजा जाता है।
जिला अस्पताल के सीनियर कंसल्ट्रेट डा. पीयूष चौबे ने बताया कि शहर के साथ साथ अब ग्रामीण इलाकों में फैटी लिवर के मरीज मिल रहे हैं। ओपीडी में हर दिन औसतन 30 से 35 मरीज आते हैं। उन्होंने बताया कि फैटी लिवर के साथ डायबिटीज होना लिए बेहद नुकसानदायक है। बीएमआई यानी बाडी मास इंडेक्स 23 के अंदर होना चाहिए।
शाकाहारी खानपान से लिवर का फैट होगा दूर
डाॅ. विकास मेहरोत्रा ने बताया कि प्रोटीन से भरपूर सोयाबीन जैसे शाकाहार से शराब के कारण लिवर में जमा फैट व फाइब्रोसिस काफी हद तक ठीक हो सकता है।
कई शोध में पाया गया कि सामान्य भोजन की तुलना में प्रोटीन युक्त शाकाहारी भोजन से फैटी लिवर की समस्या 83.5 प्रतिशत व फाइब्रोसिस 75 प्रतिशत कम हो गया, जबकि अंडे के सेवन से लिवर में फैट 66.6 प्रतिशत व फाइब्रोसिस 25 प्रतिशत कम हुआ।
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ये है प्रमुख वजह
- नानवेज का सेवन।
- बैठकर काम करना।
- लंबाई के हिसाब से वजन का अधिक बढ़ना।
- कमर के आसपास चर्बी अधिक होना।
- डायबिटीज, कोलेस्ट्राॅल बढ़ना।
बरतनी होगी सावधानी
- शराब का सेवन छोड़ देना चाहिए।
- नियमित व्यायाम करें, ताकि शरीर से पसीना निकलें।
- चीनी-तेल का इस्तेमाल कम करें।
- जंक फूड, फास्ट फूड का सेवन न करें।