सतर्क रहें, अलीगढ़ में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू; सात नए केस और आए...30 हुए संक्रमित
अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू के सात नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 30 हो गई है, जिसमें ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। गुरुवार को सात नए मरीज मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या 30 हो गई है। संक्रमितों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की संख्या भी वृद्धि हुई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत ठीक है और किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, बुखार और मौसमी फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।
स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू के लक्षण काफी हद तक एक जैसे होने के कारण चिकित्सकों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खांसी या छींक आने पर मुंह-नाक ढकने, हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, लोगों को संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए। मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लेने के साथ पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी जा रही है।
सांस लेने में दिक्कत, सांस फूलने या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल डाक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।
सीएमओ डाक्टर रामनाथ सिंह ने बताया कि सभी संक्रमित मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर मरीजों को टेमीफ्लू और लक्षणों के अनुसार उपचार दिया जा रहा है।
अस्पतालों में बुखार, खांसी और सांस संबंधी समस्या वाले मरीजों की पहचान की जा रही है तथा संदिग्ध मामलों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मरीजों को जरूरत पड़ने पर भर्ती करने के लिए जिले में 70 बेड के आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। सीएमओ ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- तेज बुखार के साथ ठंड लगना।
- लगातार खांसी, गले में खराश और नाक बहना।
- सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी।
- सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना।
- कुछ मामलों में उल्टी और दस्त की शिकायत।
