उफनाती उटंगन में डूबी किसानों की उम्मीदें, आगरा में 650 बीघा जमीन पर लगी फसल डूबी
फतेहाबाद-बाह रोड पर उटंगन नदी में उफान से पुल पर पानी भर गया, जिससे आवागमन ठप हो गया है। आगरा ...और पढ़ें

उटंगन नदी पर बने टोडा घाट पानी में डूबा हुआ।
संवाद सूत्र, फतेहाबाद (आगरा)। उटंगन नदी में उफान जारी है। फतेहाबाद-बाह रोड पर बने पुल पर तीन फीट तक पानी भर गया। पुल पर पुलिस तैनात कर दी गई और आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील प्रशासन ने आसपास के गांवों में मुनादी कराई। ग्रामीणों से नदी से दूर रहने की अपील की गई।
दोनों तहसीलों में अब तक 650 बीघा फसलें डूब चुकी हैं। इसमें बाजरा, तिलहन, दलहन और हरी सब्जियां शामिल हैं। 50 गांवों के हजारों लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। उटंगन बरसाती नदी है। यह नदी करौली राजस्थान में अरावली की पहाड़ियों से निकलती है।
राजस्थान में लगातार हो रही बरसात के चलते नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार छह बजे से नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई। बढ़ोतरी का यह क्रम शाम चार बजे तक जारी रहा। फतेहाबाद-बाह रोड को जाने वाले टोडा पुल तीन फीट डूब गया। नागर सहित 50 गांवों का रास्ता बंद हो गया है।
हजारों ग्रामीणों को पिनाहट से होकर 30 किमी का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। पानी अभी किसी भी गांव में नहीं घुसा है और न ही जनहानि हुई है। मंगलवार दोपहर फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील में संबंधित गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों को नदी से दूरी बनाए रखने और पशुओं को नदी के किनारे न लेकर जाने के लिए कहा गया है।
दोनों तहसीलों में 650 बीघा खेत डूब गए। खेतों में पानी भरने से बाजरा, तिलहन, दलहन और हरी सब्जियों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। लहलहाती फसलों के बीच भरा पानी किसानों की महीनों की मेहनत पर भारी पड़ रहा है। किसान सुभाष वर्मा ने बताया कि तीन बीघा खेत पूरी तरह से डूब गए हैं। बाजरा की बोआई की गई थी।
फसल तैयार होने के समय बाढ़ ने संकट खड़ा कर दिया। किसान श्रीप्रधान ने बताया कि तिलहन, दलहन और हरी सब्जियों को सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से पूरी फसल नष्ट हो जाएगी। किसान सीयाराम ने कहा कि टोडा पुल पर तीन फीट तक पानी भर गया है।
पिनाहट से होकर 30 किमी का चक्कर लगाकर गांव जाना पड़ रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार ने बताया कि उटंगन नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बुधवार से नदी के जलस्तर में कमी आने के आसार हैं।
