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आगरा में सपा का मतदाता सूची गड़बड़ी पर जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से झड़प और नेताओं की नजरबंदी

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 12:43 PM (IST)

सपा ने आगरा में मतदाता सूची पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया, जिसमें कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, आगरा। राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में सपा ने गुरुवार को आगरा में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा की मांग उठाते हुए कलक्ट्रेट का रुख किया। पुलिस ने उन्हें सुभाष पार्क के पास रोकने का प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंच गए।

यहां कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सपा नेताओं के घर पर रात से ही निगरानी शुरू कर दी थी। पुलिस की टीमें देर रात पार्टी नेताओं के घर पहुंचीं और उन्हें नजरबंद कर दिया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन को संजय प्लेस स्थित उनके एचआइजी फ्लैट से बाहर नहीं निकलने दिया गया।

जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा को भी पुलिस ने नजरबंद किया। किसी तरह वह रामजीलाल सुमन के घर पहुंचे, लेकिन वहां से नहीं निकल सके। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मार्च के लिए सुभाष पार्क पहुंच गए। पुलिस ने सुभाष पार्क के पास उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।

उन्हें पार्क का गेट लगाकर रोकने का प्रयास किया। कार्यकर्ता पुलिस की रोक के बावजूद आगे बढ़ते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। सपा नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।

उनका कहना था कि एसआइआर में सामने आ रही कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और निर्वाचन आयोग को पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से किसी भी स्तर पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेताओं को नजरबंद किए जाने को लेकर भी सपा ने विरोध जताया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।