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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Illegal Conversion Racket: '2050 तक भारत में इस्लाम फैलाने की योजना', अवैध मतांतरण गिरोह का सिग्नल पर संवाद

    Updated: Sun, 27 Jul 2025 09:01 AM (GMT+05:30)

    अवैध मतांतरण गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से लड़कियों को निशाना बनाता था और उन्हें पाकिस्तान स्थित एजेंटों से जोड़ता था। बौद्धिक चर्चा के नाम पर दावा म ...और पढ़ें

    मतांतरण गिरोह के मुख्य आरोपित अब्दुल रहमान को पूछताछ के लिए साइबर क्राइम थाने लेकर जाती पुलिस जागरण
    मतांतरण गिरोह के मुख्य आरोपित अब्दुल रहमान को पूछताछ के लिए साइबर क्राइम थाने लेकर जाती पुलिस जागरण

    HighLights

    1. पाकिस्तान से जुड़े हैं मतांतरण के तार
    2. सोशल मीडिया से लड़कियों को फंसाते थे
    3. 2050 तक भारत में इस्लाम फैलाने की योजना

    जागरण संवाददाता, आगरा। अवैध मतांतरण गिरोह खुफिया एजेंसियों और पुलिस की आंखों से बचने के लिए हाईटेक हथकंडे अपना रहा था। इंस्टाग्राम, फेसबुक व अन्य माध्यमों से मतांतरण के शिकार चिन्हित किए जाते थे। इसके बाद पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे गिरोह के एजेंट उन्हें इस्लाम की जानकारी देने लगते थे।

    गिरोह कुछ दिन बाद अपनी चर्चा में शामिल होने के लिए दावा (बौद्धिक चर्चा) में आमंत्रित करता था। कश्मीरी युवतियां इन लड़कियों का संपर्क पाकिस्तान में बैठे व्यक्तियों से कराया जाता। दावा में शामिल होने वाले लोग बौद्धिक चर्चा की जगह उनके धर्म की बुराई करके युवक-युवतियों को मतांतरण को तैयार करते थे।

    इसके बाद प्रचलित मोबाइल एप के बजाय वे सिग्नल एप पर बातचीत करते थे। बरेली की रहने वाली मतांतरित सुमैया भी कश्मीर जा चुंकी थी। वहां दावा में चर्चा के दौरान उसे पता चला कि मतांतरण कराने वालों की वर्ष 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाने की योजना है।

    लड़कियों को पाकिस्तान से चलने वाले ग्रुप से जोड़ा जाता था

    बरामद युवतियों और रिमांड पर लिए गए मतांतरण करने वाले गिरोह के सदस्यों से पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मतांतरित अधिकांश लड़कियों का संपर्क कश्मीरी युवतियों ने पाकिस्तान में बैठे व्यक्तियों से कराया गया था। उन्हें आनलाइन चर्चा के लिए दावा में आमंत्रित किया गया। पाकिस्तान से जुड़े लोगों से बौद्धिक विचार-विमर्श के नाम पर जोड़ा जाता था। लड़कियों के धर्म व उनके परिवार के प्रति विद्वेष भरते थे।

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    बरेली की सुमैया भी गई थी कश्मीर

    लड़कियों को पाकिस्तानी तनवीर अहमद और साहिल अदीम के ग्रुप से जोड़ा गया था। बरेली की रहने वाली मतांतरित सुमैया ने पूछताछ में बताया कि मल्टी लेवल मार्केटिंग के दौरान बरेली की उरूज और कश्मीर के पंपोर की रहने वाली तायबा के संपर्क में आई थी।

    मतांतरित होने के बाद वह कश्मीर भी गई थी। यहां पर उसके मित्रों ने उसे दावा के लिए बुलाया था। वहां बताया गया कि 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम को फैलाना है। बाद में गिरोह आपस की बातें केवल सिग्नल एप पर करता था। यह एप अभी कम प्रचलित है।

    मतांतरित युवतियों से पुलिस की पूछताछ में एक बात बात समान थी। सभी युवतियों को उनके मित्रों ने दावा में बुलाया था। उनके मन में इस्लाम की अच्छाइयां एवं अन्य धर्म के प्रति नकारात्मक बातों को भरा जाता है। यदि किसी को अपने परिवार से कोई समस्या है तो उसके बारे में भी नकारात्मक बातें भरते हैं।

    निशाने पर रहते हैं अस्पताल, न्यायालय में आने वाले लाेग

    गिरोह के लोगों ने पूछताछ में बताया कि थाना, न्यायालय और अस्पताल जाने वाले लोगों को वह मतांतरण के जाल में फंसाते थे। यहां पर अधिकांश पीड़ित लोग ही आते हैं। इनकी मदद के नाम पर सहानुभूति हासिल करते थे। जिसके बाद उन्हें मतांतरण से संबंधित वीडियो भेजना शुरू कर देते थे।

    लूडो स्टार आदि ऑनलाइन गेम से भी फंसाई युवतियां

    गिरोह ने कई युवतियों को लूडो स्टार गेम के माध्यम से भी फंसाया। पहले ऑनलाइन गेम की लत लगाते थे फिर कमाई का लालच देकर उनके करीब पहुंच जाते थे। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें मतांतरण की राह पर ले जाते थे।

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