जनगणना ड्यूटी से पहले 'छुट्टी' की जुगाड़: किसी को माइग्रेन तो किसी के माता-पिता बीमार, आगरा में 800 आवेदन
आगरा में जनगणना ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी बीमारी और पारिवारिक समस्याओं का बहाना बना रहे हैं। अब तक 800 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है।

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, आगरा। जनगणना से पहले शिक्षक हों या फिर सरकारी कर्मचारी। ड्यूटी से नाम हटवाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से लेकर गण्यमान्य लोगों से सिफारिश कराई जा रही हैं। किसी ने माइग्रेन तो किसी ने खुद को एलर्जी बताया है।
बड़ी संख्या में शिक्षकों ने माता-पिता या फिर बच्चे के बीमार होने, परिवार में अकेले होने की का दावा किया है। छह तहसीलों और कलेक्ट्रेट में अभी तक ड्यूटी से नाम हटवाने के 800 कर्मचारियों ने आवेदन किया है। इसकी जांच चल रही है। सबसे अधिक बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 50 प्रतिशत शिक्षक शामिल हैं।
23 जोन में बांटा गया जिला, 10883 कर्मचारी और सुपरवाइजर लगाए गए
पहले चरण की जनगणना 22 मई से 20 जून तक होगी। जिले को 23 जोन में बांटते हुए 10883 कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को लगाया गया है। इसमें 9956 की सीधे ड्यूटी लगेगी जिसमें 8526 प्रगणक और 1430 सुपरवाइजर हैं। नगर निगम को चार जोन में बांटा गया है।
पहली बार कर्मचारियों को तहसीलस्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छह तहसीलों में 50-50 ग्रुप में कर्मचारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण मिल रहा है। इसकी अंतिम तिथि तीन मई है। जनगणना से पहले ड्यूटी हटवाने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं।
ड्यूटी से नाम हटवाने के लिए अब तक 800 आवेदन पहुंचे
शिक्षक श्रुति सिंह ने अपने आवेदन में लिखा है कि सबसे पहले उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में ड्यूटी की। अब जनगणना में ड्यूटी लग गई है। परिवार में माता-पिता बीमार हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
50 प्रतिशत शिक्षक शामिल
शिक्षक पीके गुप्ता ने अपने आवेदन में लिखा है कि तीन माह से माइग्रेन से पीड़ित हैं। तेज धूप में माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में वह ड्यूटी नहीं कर सकते हैं।
वहीं नाम हटवाने के लिए कर्मचारियों ने खुद को कैंसर से लेकर कई अन्य बीमारियां बताई हैं। एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि ड्यूटी से नाम हटवाने के लिए हर दिन आठ से 10 लोग पहुंच रहे हैं।
मैडम जी, मेरी ड्यूटी लगवा दो
जिला जनगणना अधिकारी शुभांगी शुक्ला के कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंजना पहुंची। ताजगंज की अंजना ने अधिकारी को बताया कि उनकी ड्यूटी जनगणना में नहीं लगी है। ड्यूटी क्यों नहीं लगी है। यह नहीं बता है। मगर, वह ड्यूटी करना चाहती हैं। ऐसे में ड्यूटी लगा दी जाए। अधिकारी ने ड्यूटी लगाने का आश्वासन दिया।
इन विभागों के सबसे अधिक आवेदन
- बेसिक शिक्षा विभाग, 30 प्रतिशत
- माध्यमिक शिक्षा विभाग, 20 प्रतिशत
- विकास विभाग, 20 प्रतिशत
- सरकारी बैंक, 15 प्रतिशत
- राजस्व विभाग, 5 प्रतिशत
- अन्य विभाग, 10 प्रतिशत
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