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    बसपा का 'घर वापसी' अभियान: आजाद समाज पार्टी को कमजोर करने की बनाई रणनीति, निष्कासित नेताओं की एंट्री

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 10:28 AM (IST)

    संतोष आनंद, विक्रम सिंह और डॉ. ज्ञान सिंह जैसे निष्कासित नेताओं को वापस पार्टी में लाकर आगरा मंडल सहित अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी ...और पढ़ें

    चंद्रशेखर और मायावती।

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    जागरण संवाददाता, आगरा। विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी से निष्कासित और पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में गए पदाधिकारियों के लिए 'घर वापसी' अभियान शुरू किया है। बसपा को छोड़कर आजाद समाज पार्टी में गए पदाधिकािरियों और कार्यकर्ताओं पर पार्टी की नजर है, उनसे संपर्क किया जा रहा है, जिससे चुनाव से पहले ही आजाद समाज पार्टी को कमजोर किया जा सके।

    दो वर्ष पूर्व बसपा से निष्कासित किए गए आजाद समाज पार्टी के मध्य प्रदेश के सह प्रदेश प्रभारी संतोष आनंद की घर वापसी हो गई है। उन्हें आगरा मंडल का प्रभारी बनाया गया है। आजाद समाज पार्टी के साथ ही अन्य दलों में चले गए बसपा के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जा रहा है जिससे उनकी पार्टी में वापसी कराई जा सके।

    संतोष आनंद बसपा में लौटे

    आगरा मंडल के प्रभारी रहे संतोष आनंद को 2024 में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने आजाद समाज पार्टी ज्वाइन कर ली थी और उनके कद को देखते हुए मध्य प्रदेश के सह प्रदेश प्रभारी बनाया गया था।

    पार्टी में वापसी के पीछे के कारण

    पिछले एक महीने से बसपा के पदाधिकारी पार्टी छोड़कर आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए कार्यकर्ताओं से संपर्क में है, उन्हें बसपा सरकार में सक्रिय कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव लड़ाने, राज्य सभा में भेजने के साथ ही निगमों के अध्यक्ष बनाए जाने का तर्क देकर पार्टी में वापसी के लिए कहा जा रहा है। इसी के तहत दो वर्ष बाद संतोष आनंद की बसपा में वापसी कराई गई है, उन्हें आगरा मंडल का प्रभारी बनाया गया है।

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    मंडल प्रभारी विक्रम सिंह और डॉ. ज्ञान सिंह की भी बसपा में हुई वापसी

    वहीं, इसी वर्ष मार्च में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में मंडल प्रभारी विक्रम सिंह को निष्कासित कर दिया गया था उनकी भी बसपा में वापसी हो गई है। उन्हें अलीगढ़ और मेरठ मंडल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, आगरा के मंडल प्रभारी रहे डा. ज्ञान सिंह ने दोबारा से भी पार्टी ज्वाइन कर ली है।

    बसपा को सबसे ज्यादा चुनौती आजाद समाज पार्टी से मिल रही

    बसपा के पदाधिकारी आजाद समाज पार्टी में गए कार्यकर्ताओं के संपर्क में है, इसके साथ ही अन्य दलों में जाने वाले पदाधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा के लिए माहौल बनाया जा सके। बसपा ने 2007 और 2012 में नौ में से छह -छह विधानसभा सीटों पर दर्ज की थी।

    मगर, पिछले दो चुनावों से बसपा का खाता नहीं खुला है लेकिन बसपा दूसरे नंबर पर है, सपा तीसरे नंबर पर बनी हुई है। बसपा को सबसे ज्यादा चुनौती आजाद समाज पार्टी से मिल रही है। ऐसे में पूर्व पदाधिकारियों को पार्टी से जोड़ने के साथ ही सामाजिक भाईचारे पर जोर दिया जा रहा है।

    चुनाव , जीत , विधानसभा क्षेत्र

    • 2022 , 0
    • 2017 , 0
    • 2012 , 6 , एत्मादपुर, आगरा छावनी, फतेहपुरसीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद, आगरा ग्रामीण
    • 2007, 6 , बाह, एत्मादपुर, आगरा छावनी, आगरा पश्चिम, खेरागढ़, फतेहपुरसीकरी
    • 2002, 2 , दयालबाग, आगरा छावनी
    • 1996, 2 , एत्मादपुर, दयालबाग
    • 1993 0
    • 1991 0
    • 1989 0

    आगरा के मुख्य मंडल प्रभारी विमल वर्मा का कहना है कि पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ा जा रहा है। कई और पदाधिकारी और पूर्व विधायक पार्टी के संपर्क में हैं।

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