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AMU में 18वें दिन भी छात्रा-छात्राएं डटे, दो गेट किए बंद; सर सैयद दिवस पर भी संकट

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 02:15 PM (IST)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना 18वें दिन भी जारी है। छात्रों ...और पढ़ें

AMU में प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।

AMU में प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना गुरुवार को 18वें दिन भी जारी है। डक पौंड पर चल रहे धरने के समर्थन में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों ने बांबे सैयद और सेंटेनरी गेट बंद कर दिए हैं, जिससे विश्वविद्यालय में आने-जाने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य लोगों को परेशानी हो रही है।

लगातार बढ़ते विरोध के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया है। बुधवार को भी छात्र प्रतिनिधिमंडल और कुलपति के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।

छात्र चुनाव की तारीख घोषित करने और मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा नहीं होती, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

भूख हड़ताल पर यासिर, हालत बिगड़ने से बढ़ी चिंता

निलंबित छात्र यासिर फहद की भूख हड़ताल भी जारी है। चिकित्सकीय जांच में उसकी स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। मंगलवार रात प्रॉक्टोरियल टीम उसे उपचार के लिए जेएन मेडिकल कालेज ले जाना चाहती थी, लेकिन धरने पर बैठे छात्रों ने इसकी अनुमति नहीं दी।

देर रात तक विश्वविद्यालय में हंगामे की स्थिति बनी रही। इसके बाद बुधवार को भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन जारी रखा। कई छात्रावासों की छात्राएं मार्च निकालकर धरना स्थल पर पहुंचीं और समर्थन जताया।

काले झंडे लेकर निकाला मार्च

बुधवार दोपहर छात्रों ने यूनियन हाल से डक प्वाइंट तक काले झंडे लेकर मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने चुनाव कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं का कहना है कि एएमयू में करीब आठ साल से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। उनका सवाल है कि जब देश के दूसरे विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं तो एएमयू में क्यों नहीं।

प्रशासन के रुख से बढ़ा टकराव

छात्र नेता आकिब खुर्शीद के अनुसार, बुधवार को आठ छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला था। छात्रों ने प्राक्टर को हटाने और छात्र संघ चुनाव कराने की मांग रखी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने चुनाव कराने पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया।

यासिर फहद का निलंबन 72 घंटे में वापस लेने की बात कही गई, लेकिन इसके लिए छात्रों से धरना समाप्त करने को कहा गया। छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि चुनाव की घोषणा के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। आज शाम को फिर मुलाकात के लिए छात्रों को बुलाया है.

सर सैयद दिवस पर भी संकट के संकेत

एएमयू में 17 अक्टूबर को सर सैयद दिवस समारोह होना है। विश्वविद्यालय के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल इस समारोह की तैयारियां अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं। लगातार जारी आंदोलन और प्रशासन-छात्रों के बीच बढ़ते गतिरोध के कारण समारोह पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

छात्रों ने पहले ही मांगें पूरी नहीं होने पर सर सैयद दिवस के बहिष्कार का एलान कर रखा है। ऐसे में यदि आंदोलन जल्द समाप्त नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने समारोह को लेकर भी बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।