आगरा में दर्दनाक हादसा: अरावली की पहाड़ी पर तलाब में डूबने से दो बच्चों की मौत, 9वीं क्लास के थे छात्र
आगरा के अरावली पर्वत श्रृंखला में खुदाई से बने गहरे पानी के गड्ढे में डूबने से नौवीं कक्षा के दो छात्रों की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना धनौली के नगला म ...और पढ़ें
प्रमोद पाठक, किरावली (आगरा)। अरावली पर्वत श्रृंखला पर बुधवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। नगला मंशा स्थित धनौली में अरावली के पहाड़ों में खुदाई के बाद बने गहरे पानी से भरे गड्ढे (तालाब) में डूबने से दो किशोर छात्रों की मौत हो गई। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
धनौली स्थित अरावली पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में पूर्व में हुई खुदाई के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भरा हुआ था। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे लॉर्ड शिवा पब्लिक स्कूल रायभा से छुट्टी होने के बाद नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले पांच छात्र पहाड़ों की तरफ चले गए।
इनमें से दो छात्र नगला मंशा निवासी देवमोहन (15) पुत्र ईश्वरी प्रसाद और ग्राम मगूरा के नगला धाराजीत निवासी करन सिंह (14) पुत्र रामेंद्र सिंह पानी में नहाने के लिए उतर गए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों छात्र अचानक गहरे पानी में समाने लगे।
बाहर खड़े तीनों साथियों ने जब दोनों को डूबते देखा, तो उन्होंने बचाओ-बचाओ की गुहार लगाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे किसान और सूचना मिलते ही नगला मंशा व धनौली के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। दोनों छात्रों को बचाने के लिए गांव के कई साहसी युवा तत्काल पानी में कूद पड़े।
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घटना की सूचना मिलते ही किरावली और अछनेरा थाना पुलिस के साथ एसडीएम अभिनव पाठक व तहसीलदार दीपांकर राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुँच गए। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया।
इसके बाद तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। नगला धाराजीत के परिजन मृतक छात्र के पंचनामा भरने के बाद शव को गांव के गए।
लेकिन नगला मंशा के छात्र के परिजन इस बात को मानने को तैयार नहीं हुए और बेहतर इलाज की उम्मीद में एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले जाने पर अड़ गए, जिसके बाद पुलिस व प्रशासन की मदद से उन्हें एसएन भिजवाया गया।
मृतक देवमोहन दो भाइयों में सबसे बड़ा था और उसके पिता मार्बल का कार्य करते हैं। वहीं मृतक करन सिंह अपने पिता का इकलौता बेटा था और उसके पिता किसान हैं। एक साथ दो होनहार छात्रों की इस तरह असमय मौत से दोनों गांवों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।