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DGP का पीआरओ बोल रहा हूं, आगरा में पुलिस में नौकरी के नाम पर 13 लाख ठगे

By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 08:00 PM (IST)

आगरा में पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 13.25 लाख रुपये की ठगी की ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, आगरा। पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) की नौकरी लगवाने के नाम पर 13.25 लाख रुपये ठग लिए। आरोपित ने डीजीपी के पीआरओ से अपनी पहचान बता, किसी राज शर्मा नाम के युवक से फोन पर पीड़ित की बात कराई। रकम लेने के बाद परीक्षा परिणाम की फर्जी पीडीएफ वाट्सएप पर भेज दी।

जबकि वेबसाइट पर जारी परिणाम में नाम नहीं होने पर छानबीन की तो धोखाधड़ी का पता चला। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सदर के मुस्तफा क्वार्टर निवासी अरविंद कुमार सक्सेना ने पुलिस काे बताया कि उनकी पत्नी सुनीता सक्सेना शिक्षिका हैं। बीएलओ के कार्य के दाैरान पत्नी की मुलाकात रोहता के गांव बरपुरा निवासी वीरू शर्मा से हुई।

खुद को समाजसेवी बताने वाले वीरू शर्मा ने अपने संबंध लखनऊ में बड़े अधिकारियों से होने का दावा किया। उसने पत्नी का मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ समय बाद पत्नी को काल करके कहा कि वह उनके बेटे का सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) भर्ती परीक्षा में चयन करा देगा। आरोपित ने डीजीपी के किसी कथित पीआरओ राज शर्मा से फोन पर बात कराई। कहा कि लखनऊ चलकर राज शर्मा से मुलाकात करा देगा।

अरविंद और उनकी पत्नी सुनीता आरोपितों के झांसे में आ गए। दोनों ने किस्त में 13.25 लाख रुपये वीरू शर्मा को दे दिए। रकम वसूलने के बाद आरोपितों ने उनके पीड़ित के वाट्सएप पर भर्ती परीक्षा परिणाम की एक फर्जी पीडीएफ भेजी। जिसमें बेटे का नाम चयनित अभ्यर्थियों की सूची में था।

पीड़ित दंपती ने आधिकारिक वेबसाइट पर मूल परीक्षा परिणाम देखा तो उसमें बेटे का नाम गायब था। आरोपितों के नंबरों पर काॅल किया तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। उनका नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। पीड़ित दंपती ने साक्ष्यों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस आयुक्त कार्यालय में की थी। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।