यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शहरी विकास और रोजगार बढ़ाने पर होगा काम, मनरेगा पर सर्वाधिक आबंटन
पिछली सरकार को कोसते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया। कहा कि शहरी विकास और वहां रोजगार बढ़ाने पर काम किया जाएगा।

नई दिल्ली। पिछली सरकार को कोसते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि विरासत में खराब अर्थव्यवस्था मिली। जीडीपी बीते वर्ष में 7.6 फीसद, महंगाई दर 5.6 फीसद रही। विदेशी मुद्रा भंडार 350 बिलियन डॉलर है।
उन्होंने कहा कि शहरी विकास और वहां रोजगार बढ़ाने पर काम किया जाएगा। मनरेगा पर अब तक का सर्वाधिक आबंटन करने की घोषणा की। जेटली ने कहा कि मनरेगा के लिए 38,500 करोड़ रु. का आबंटन किया गया है।
जेटली ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में कमजोरी के बावजूद हमें आर्थिक सुधारों की और घरेलू बाजार मजबूत रखने की दरकार। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने चुनौतियां - 7 वां वेतन आयोग की सिफारिश, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी), खस्ताहाल बैंक।
बैंकों को पूंजी देने की व्यवस्था की जाएगी। समाज के कमजोर वर्गों के लिए तीन स्कीम्स सरकार ने शुरू की हैं। ग्रामीण इलाकों और सोशल सेक्टर के लिए खर्च बढ़ाएंगे।
