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    WhatsApp पढ़ रहा है आपकी चैट्स? Elon Musk ने भी कहा 'नॉट सिक्योर', जानें पूरा मामला 5 पॉइंट्स में

    Updated: Tue, 27 Jan 2026 03:08 PM (IST)

    अमेरिका में Meta और WhatsApp के खिलाफ एक नए मुकदमे ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कंपनी यूजर्स की प्राइवेट चैट स्टोर और ...और पढ़ें

    WhatsApp पढ़ रहा है आपकी चैट्स? Elon Musk ने भी कहा 'नॉट सिक्योर', जानें पूरा मामला 5 पॉइंट्स मेंं

    WhatsApp पढ़ रहा है आपकी चैट्स? Elon Musk ने भी कहा 'नॉट सिक्योर', जानें पूरा मामला 5 पॉइंट्स मेंं

    HighLights

    1. Meta और WhatsApp पर प्राइवेसी उल्लंघन का मुकदमा।

    2. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के दावों पर उठे गंभीर सवाल।

    3. एलन मस्क ने WhatsApp को असुरक्षित बताया।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। टेक वर्ल्ड में एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर तूफान खड़ा हो गया है। जी हां, Meta और WhatsApp के खिलाफ अमेरिका में दायर एक नए मुकदमे ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेशनल लेवल पर दायर इस केस ने न सिर्फ WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को कटघरे में ला खड़ा किया है, बल्कि इस मामले पर अब Tesla और X के मालिक एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है जिससे ये बहस और ज्यादा बढ़ गई है। आइए ये पूरा मामला 5 आसान पॉइंट्स में समझते हैं।

    WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल

    दरअसल अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की जिला अदालत में दाखिल इस केस में Meta और WhatsApp पर यूजर्स को मिसलीड करने का आरोप लगाया गया है। आरोप में कहा गया है कि एक तरफ तो कंपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का दावा कर रही है लेकिन बावजूद वो यूजर्स की प्राइवेट चैट स्टोर कर रही है। साथ ही कंपनी उन चैट्स का एनालिसिस करती है और जरूरत पड़ने पर उन तक पहुंच भी सकती है। शिकायतकर्ताओं का ये भी कहना है कि कंपनी का ये दावा है कि चैट सिर्फ सेंड करने और रिसीव करने वाला ही पढ़ सकता है जो सच नहीं है।

    कई देशों ने दायर किया केस

    Bloomberg ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ये मामला किसी एक देश तक सीमित नहीं है बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और साउथ अफ्रीका समेत कई देशों के प्लेंटिफ्स द्वारा दायर किया गया है। अब ये मामला इंटरनेशनल लेवल पर चिंता का विषय बन चुके हैं। इतना ही नहीं दायर शिकायत में ये भी दावा किया जा रहा है कि Meta के कर्मचारी कथित तौर पर WhatsApp चैट के कंटेंट तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में अगर ये आरोप सही साबित हो जाता है तो एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के लिए ये बेहद गंभीर हो सकता है।

    व्हिसलब्लोअर्स का जिक्र 

    केस में ऐसा भी कहा गया है कि कथित प्रैक्टिसेज का खुलासा 'व्हिसलब्लोअर्स' ने किया है। हालांकि, अभी उनकी पहचान नहीं बताई गई है और न उनके खुलासों का कोई ठोस सबूत दिया गया है।

    Meta का पलटवार

    इसी बीच Meta ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये मुकदमा ‘फर्जी’ और ‘बेसलेस’ है और वो इसे दायर करने वाले वकीलों पर कार्रवाई की मांग करेगा। इतना ही नहीं Meta के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इस मामले पर कहा है कि यह दावा कि लोगों के WhatsApp मैसेज एन्क्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह से गलत और बेतुका है।

    खबरें और भी

    Elon Musk की एंट्री

    इसी बीच मुद्दा जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रेंड करने लगा तो एलन मस्क ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने एक पोस्ट के जवाब में लिखा WhatsApp is not secure. Even Signal is questionable. Use X Chat। मस्क का ये बयान देखते ही देखते वायरल हो गया और विवाद में एक नया कॉम्पिटिटिव एंगल भी इसमें जोड़ दिया।

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