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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेट न्यूट्रेलिटी पर यह है जुकरबर्ग का भारत को जवाब

By MMI TeamEdited By:
Updated: Tue, 09 Feb 2016 11:43 AM (IST)

नेट न्यूट्रैलिटी पर भारत के फैसले को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए फेसबुक के संस्थापक तथा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि

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नेट न्यूट्रैलिटी पर भारत के फैसले को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए फेसबुक के संस्थापक तथा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि वह भारत सहित दुनियाभर में कनेक्टिविटी प्रतिबंधों को खत्म करने की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नेट न्यूट्रैलिटी पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में जुकरबर्ग ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "इंटरनेट.ओआरजी (internet.org) के जरिये बहुत कुछ नया किया जाना संभव है, और हम तब तक इस दिशा में काम करते रहेंगे, जब तक सभी की पहुंच इंटरनेट तक न हो जाए..."

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जुकरबर्ग ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज भारत की टेलीकॉम नियामक ने ऐसी योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया, जो डाटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराती है... इसके चलते इंटरनेट.ओआरजी के एक कार्यक्रम फ्री बेसिक्स तथा इसी की तरह डाटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों पर रोक लग गई है..."
उन्होंने कहा, "हालांकि हम आज के फैसले से निराश हैं, लेकिन निजी रूप से मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि भारत सहित दुनियाभर में कनेक्टिविटी प्रतिबंधों को खत्म करने की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं... इंटरनेट.ओआरजी के जरिये बहुत कुछ नया किया जाना बाकी है, और हम तब तक इस दिशा में काम करते रहेंगे, जब तक सभी की पहुंच इंटरनेट तक न हो जाए| "