यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपका iPhone रियल है या फेक, ऐसे करें पहचान, गलत फोन लगा हाथ तो पड़ेगा महंगा!
नकली iPhones का चलन तेजी से बढ़ रहा है। धोखाधड़ी से बचने के लिए पैकेजिंग की जांच करें Apple के रिकॉर्ड के मुताबिक सीरियल नंबर और IMEI को क्रॉस चेक करे ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। iPhone दुनिया भर में सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाले स्मार्टफोन में से एक है। न सिर्फ अपनी कटिंग-एज टेक्नोलॉजी के लिए बल्कि स्टेटस सिंबल के तौर पर भी लोग इसे पसंद करते हैं। 2024 की तीसरी तिमाही में, Apple ने केवल iPhone की बिक्री से लगभग 39 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू जनरेट किया था। जो इसकी लोकप्रियता को दिखाता है। हालांकि, इस ग्लोबल डिमांड ने नकली iPhones की सप्लाई को भी बढ़ा दिया है, जो लगभग असली iPhone जैसे लगते हैं।
Apple स्टोर जैसे ट्रस्टेड रिटेलर्स से खरीदारी करने से ऑथेंसिटी इंश्योर होती है। लेकिन अनऑथोराइज्ड सोर्सेज से खरीदारी करने या अपने डिवाइस को अनवेरिफाइड रिपेयर शॉप्स को देने से नकली रिप्लेसमेंट मिल सकता है या रिपेयर के दौरान बदलकर रिफर्बिश्ड डिवाइस को रखा जा सकता है। त्योहारी सीजन में ये समस्या और भी बढ़ सकती है। ऐसे में हम यहां आपको रियल iPhone की पहचान करने और स्कैम्स से खुद को बचाने का तरीका हम यहां बताने जा रहे हैं।
iPhone फेक है या रियल इन तरीकों से करें पता
1. पैकेजिंग और एक्सेसरीज को करें चेक
Apple बेहतरीन पैकेजिंग के लिए जाना जाता है। ऐसे में इन बातों का रखें ध्यान:
- बॉक्स क्वालिटी: असली iPhone बॉक्स मजबूत होते हैं, हाई-रेजोल्यूशन इमेजेज और प्रीसाइज टेक्स्ट के साथ आते हैं। नकली बॉक्स में अक्सर खराब क्वालिटी की प्रिंटिंग या लूज पैकेजिंग होती है।
- एक्सेसरीज: असली एक्सेसरीज, जैसे चार्जिंग केबल्स Apple के स्टैंडर्ड की होते हैं। नकली वाले हल्के लग सकते हैं, खराब डिजाइन वाले दिख सकते हैं, या उनमें 'Designed by Apple' लेबल देखने को नहीं मिलता।
टिप: अगर आपके पास कोई ओरिजनल Apple प्रोडक्ट अवेलेबल हो तो पैकेजिंग और एक्सेसरीज की तुलना करें।
2. सीरियल नंबर और IMEI को वेरीफाई करें
हर iPhone का एक यूनिक सीरियल नंबर और IMEI होता है जो उसकी ऑथेंटिसिटी कन्फर्म कर सकता है।
- सीरियल नंबर लोकेट करें: सीरियल नंबर ढूंढने के लिए सेटिंग्स> जनरल> अबाउट में जाएं।
- Apple की वेबसाइट पर कवरेज चेक करें: Apple के चेक कवरेज पेज पर सीरियल नंबर एंटर करें। ये डिवाइस का मॉडल, वारंटी स्टेटस और दूसरे डिटेल्स दिखाएगा।
- IMEI चेक करें: IMEI नंबर देखने के लिए अपने iPhone पर *#06# डायल करें। बॉक्स और सिम ट्रे पर IMEI से इसे क्रॉस चेर करें। सभी नंबर मैच होने चाहिए।
अगर नंबर मैच नहीं करते हैं या Apple वेबसाइट एरर दिखाती है, तो ये नकली प्रोडक्ट हो सकता है।
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3. बिल्ड क्वालिटी एग्जामिन करें
Apple प्रोडक्ट्स प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी के साथ हैं। ऐसे में इन बातों का जरूर ध्यान रखें:
- फील एंड फिनिश: एक असली iPhone बिना गैप या लूज पार्ट्स के सॉलिड लगता है। यहां सभी बटन स्मूद तरीके से क्लिक होने चाहिए। साथ ही पीछे की तरफ मौजूद Apple लोगो भी पूरी तरह से एलाइंड और स्मूद लगना चाहिए।
- डिजाइन फीचर्स: स्क्रीन साइज, वजन और मोटाई को चेक करें। ये आपके द्वारा खरीदे गए मॉडल के स्पेसिफिकेशन्स से मैच होने चाहिए।
- सिम ट्रे: सिम ट्रे को रिमूव करें और चेक करें कि कहीं कुछ खराब तो नहीं। नकली मॉडल्स में अक्सर रफ कॉर्नर्स या इंपरफेक्शन देखने को मिलते हैं।
प्रो टिप: लोगो और बिल्ड डिटेल्स के क्लोज इंस्पेक्शन के लिए मैग्नीफाइंग ग्लास का यूज करें।
4. सॉफ्टवेयर और फीचर्स चेक करें
नकली iPhone का पता लगाने के सबसे आसान तरीकों में से एक इसके सॉफ्टवेयर को चेक करना है।
- iOS ऑपरेटिंग सिस्टम: रियल iPhones Apple के iOS पर चलते हैं। ये सुनिश्चित करने के लिए कि ये अप टू डेट है, सेटिंग्स> जनरल> सॉफ्टवेयर अपडेट पर जाकर सॉफ्टवेयर वर्जन चेक करें।
- एंड्रॉयड पर चलने वाले नकली iPhones: नकली डिवाइस अक्सर iOS जैसी स्किन वाले एंड्रॉयड का यूज करते हैं। iPhones के साथ मिलने वाले कुछ यूनिक फीचर्स जैसे सिरी को यूज करके देखें। 'Hey सिरी' कहें या पावर बटन को दबाए रखें। अगर सिरी एक्टिवेट नहीं होती है, तो डिवाइस नकली हो सकता है।
5. किसी ऑथोराइज्ड Apple सर्विस सेंटर पर जाएं
अगर आप अभी भी अपने iPhone की ऑथेंटिसिटी के बारे में कंफर्म नहीं हैं, तो Apple ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर पर जाना सबसे रिलाएबल ऑप्शन है।
- प्रोफेशनल वेरिफिकेशन: Apple एक्सपर्ट्स कन्फर्म कर सकते हैं कि आपका डिवाइस असली है या नहीं।
- रिपेयर एश्योरेंस: रिपेयर के लिए केवल ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर्स का ही यूज करें। इससे नकली डिवाइस मिलने की आशंका कम हो जाएगी।
आपका iPhone असली है या नकली, ये वेरीफाई करना क्यों जरूरी है?
नकली iPhone का इस्तेमाल केवल आपको फाइनेंशियल नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। बल्कि ये सिक्योरिटी के लिए भी खतरा होते हैं। साथ ही ये आपके पर्सनल डेटा को भी रिस्क नें डाल सकते हैं। इसके अलावा ये डिवाइस ठीक से फंक्शन भी नहीं करते और इन्हें जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट भी नहीं मिलते। ऐसे में यूजर एक्सपीरिएंस भी खराब मिलता है।