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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ट्रोल होने से बचने में ट्विटर करेगा अब आपकी मदद, जानिए क्या हुआ बदलाव

    By MMI TeamEdited By:
    Updated: Fri, 30 Jun 2017 01:59 PM (IST)

    सोशल रिसर्च सेंटर की सहायता से वर्कशॉप्स और गाइडलाइन्स का सेट ट्विटर यूजर्स को शिक्षित करने के लिए बनाया गया है ...और पढ़ें

    ट्रोल होने से बचने में ट्विटर करेगा अब आपकी मदद, जानिए क्या हुआ बदलाव
    ट्रोल होने से बचने में ट्विटर करेगा अब आपकी मदद, जानिए क्या हुआ बदलाव

    नई दिल्ली (जेएनएन)। ट्विटर पर अपमानजनक ट्वीट्स, ट्रॉलिंग और नकारात्मकता को देखते हुए ट्विटर इंडिया ने एक सार्वजनिक शिक्षा पहल की शुरुआत की है, जिसे ट्वीसर्फिंग (Tweesurfing) नाम दिया है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन विहेवियर में सुधार करना है। यह पहल गुरुवार को शुरू की गई है, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन वर्कशॉप्स की जाएंगी और ट्विटर पर कैसे सुरक्षित रहें इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।

    भारत में ट्विटर की हेड ऑफ पॉलिसी महिमा कौल ने कहा कि इस अभियान को शुरू करने से पहले कंपनी ने एक साल अध्ययन किया था। हमने महसूस किया था कि भारत में ट्विटर यूजर्स के बीच नॉलेज गैप पहला मुद्दा है और लोगों को पता नहीं है कि यह प्लेटफार्म ट्वीट्स को ब्लॉक करने, रिपोर्ट या ट्वीट को एवॉइड करने के लिए चेक करता है।

    सोशल रिसर्च सेंटर (सीएसआर) की सहायता से वर्कशॉप्स और गाइडलाइन्स का सेट ट्विटर यूजर्स को शिक्षित करने के लिए बनाया गया है। सीएसआर की रंजना कुमारी ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा लोग पॉजिटिव साइबर इटिक्वेट (साइबर शिष्टाचार) को समझने के बिना ट्विटर का उपयोग करते हैं। वर्कशॉप्स और गाइडलाइन्स के जरिये उन्हें समझाया जाएग कि अभद्र ट्वीट्स की बजाय, वे सकारात्मक बहस में कैसे शामिल हो सकते हैं।

    कौल ने कहा कि दुनियाभर में 32.8 मिलियन यूजर्स के साथ कॉन्टेंट की निगरानी के लिए ट्विटर कई तरीकों का इस्तेमाल करता है। उन्होंने आगे कहा कि अध्ययन से निष्कर्ष निकला कि भारत में कई लोग नहीं जानते हैं कि ट्वीट्स को प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध टूल्स के साथ रिपोर्ट किया जा सकता है या स्क्रीन किया जा सकता है।

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    कौल ने कहा कि पिछले दशक में यह मंच विकसित हुआ है और लेटेस्ट सेफ्टी अपडेट्स मुहैया कराए गए हैं। यह अभियान हमें नॉलेज गैप को अंतर को पूरा करने में मदद करेगा। इस अभियान का एक प्रमुख पहलू महिलाओं की सुरक्षा है। खासतौर पर एग्रेसिव ट्रॉलिंग का, जो आजकल स्पष्ट रूप से दिखता है।

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