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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रूकॉलर ने भारत में लांच किया ट्रूमैसेंजर

By Monika minalEdited By:
Updated: Wed, 08 Jul 2015 10:32 AM (IST)

भारत में अपने यूजर बेस को दोगुना करने के लक्ष्‍य के साथ आइटी फर्म ट्रूकॉलर ने एक मोबाइल एप्‍लीकेशन ’ट्रांस मैसेंजर’ लांच किया है, जो यूजर्स को एसएमएस भेजने वाले की पहचान बताने में मदद करेगा

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नई दिल्ली। भारत में अपने यूजर बेस को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ आइटी फर्म ट्रूकॉलर ने एक मोबाइल एप्लीकेशन ’ट्रांस मैसेंजर’ लांच किया है, जो यूजर्स को एसएमएस भेजने वाले की पहचान बताने में मदद करेगा।

ट्रूकॉलर के कोफाउंडर और सीइओ एलन ममेदी ने लांच इवेंट के अवसर पर बताया, ‘भारत हमारा बड़ा मार्केट है। एंड्रायड प्लेटफार्म पर ट्रूमैसेंजर को लांच करने के पीछे हमारा मकसद भारत को धन्यवाद कहना है। एक हफ्ते के बाद हम इसका भौगोलिक विस्तार करेंगे।‘

ट्रूकॉलर के मोबाइल एप्लीकेशन पर लगभग 150 मिलियन यूजर हें जो फोन में नंबर सेव न होने पर आने वाले फोनकॉल के बारे में जानकारी देता है (जैसे फोन करने वाले का नाम बताना)।

ट्रूकॉलर के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेसिडेंट, करी कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘भारत में हमारे 80 मिलियन यूजर्स हैं जिसे इस साल के अंत तक 150 मिलियन के आंकड़े तक पहुंचाने की योजना है।’

ट्रूकॉलर एप्लीकेशन की तरह ट्रूमैसेंजर एसएमएस भेजने वाले का नाम पता लगाने में मदद करेगा। यहां तक की यह अपने यूजर्स को स्पैम एसएमएस के बारे में तो बताएगा ही साथ ही ब्लॉक करने का ऑप्शन भी देगा।

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