Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    रत्नों से भी पावरफुल है पौधों की जड़ें, क्यों ज्योतिष में केले की जड़ को माना गया 'गोल्डन उपाय'?

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 12:01 PM (GMT+05:30)

    क्या आप भी पुखराज खरीदने का बजट नहीं बना पा रहे? घबराइए नहीं! जानें कैसे केले की मामूली सी जड़ पुखराज जैसा ही चमत्कारिक असर दिखाती है और गुरु बृहस्पति ...और पढ़ें

    कैसे पाएं गुरु बृहस्पति का आशीर्वाद? (Image Source: AI-Generated)

    कैसे पाएं गुरु बृहस्पति का आशीर्वाद? (Image Source: AI-Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष की दुनिया में 'पुखराज' (Yellow Sapphire) को राजा माना जाता है। कहते हैं इसे पहनते ही इंसान की किस्मत के बंद ताले खुल जाते हैं। लेकिन, सच तो यह है कि आज के समय में एक अच्छी क्वालिटी का पुखराज खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है। तो क्या हम अपनी किस्मत को गुरु बृहस्पति के भरोसे छोड़ दें?

    हमारे ऋषि-मुनियों ने प्रकृति में ही हर समस्या का समाधान छुपा कर रखा है। अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर हैं और आप पुखराज नहीं खरीद सकते, तो 'केले की जड़' आपके लिए साक्षात वरदान साबित हो सकती है।

    क्यों खास है केले की जड़?

    शास्त्रों के अनुसार, केले के पेड़ में भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का वास होता है। वनस्पति तंत्र में बताया गया है कि ग्रहों का संबंध केवल पत्थरों (रत्नों) से नहीं, बल्कि पौधों की जड़ों से भी होता है। केले की जड़ में वही ऊर्जा और तरंगें होती हैं जो पुखराज रत्न में पाई जाती हैं।

    banana Roots

    (Image Source: AI-Generated)

    इस उपाय के मुख्य फायदे

    आर्थिक तंगी से छुटकारा: गुरु धन के कारक हैं। इसकी जड़ धारण करने से आय के नए स्रोत खुलते हैं।

    जल्द विवाह के योग: जिन लड़के-लड़कियों की शादी में अड़चनें आ रही हैं, उनके लिए यह जड़ किसी चमत्कार से कम नहीं है।

    करियर और पढ़ाई में सफलता: अगर मेहनत के बाद भी प्रमोशन नहीं मिल रहा या बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, तो यह उपाय आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाता है।

    शून्य खर्च, सौ फीसदी असर: पुखराज जहां हजारों-लाखों में आता है, वहीं केले की जड़ आपको मुफ्त या नाममात्र दाम में मिल जाती है।

    इसे धारण करने की सही विधि

    • इसे पहनने का भी एक खास तरीका है।
    • किसी भी शुक्ल पक्ष के गुरुवार को सुबह जल्दी उठकर केले के पेड़ की थोड़ी सी जड़ निकाल लें।
    • इसे गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर शुद्ध करें।
    • इसके बाद, एक पीले कपड़े में बांधकर या ताबीज में भरकर अपनी दाहिनी बाजू या गले में धारण करें।
    • पहनते समय 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का मन ही मन जप जरूर करें।

    शास्त्रों के क्या नियम हैं?

    यह कोई सुनी-सुनाई बात नहीं है। प्राचीन भारतीय ग्रंथ 'बृहत संहिता' और 'अग्नि पुराण' में वनस्पतियों के ज्योतिषीय महत्व का विस्तार से वर्णन है। इन ग्रंथों में स्पष्ट बताया गया है कि रत्नों के अभाव में ग्रहों से संबंधित जड़ों को धारण करना उतना ही फलदायी होता है।

    यह भी पढ़ें- Ratna Astrology: इन तारीखों को जन्मे लोगों के लिए 'वरदान' है पुखराज, भाग्य चमकाता है यह रत्न

    यह भी पढ़ें- Yellow Sapphire Benefits: इन 3 राशियों के लिए वरदान साबित होता है पुखराज, पहनते ही बदल जाती है किस्मत

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी