किसी की मृत्यु के बाद घर में 13 दिनों तक क्यों जलाया जाता है दीपक? गरुड़ पुराण से जानें कारण
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद 13 दिनों तक दीपक जलाना आत्मा की यात्रा को आसान बनाता है और ...और पढ़ें

मृत्यु के बाद 13 दिनों तक दीपक जलाने का रहस्य (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
दीपक आत्मा को अंधकार से निकालकर मार्ग दिखाता है।
यह आत्मा की यात्रा को आसान बनाता है और रक्षा करता है।
13 दिनों तक दीपक जलाने से आत्मा को मोक्ष मिलता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब घर में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तब वहां कई नियमों का पालन करना जरूरी हो जाता है। मृतक के लिए कई तरह के संस्कारों का पालन किया जाता है। ऐसे ही कई नियम गरुड़ पुराण में बताए गए हैं और उनका पालन जरूरी होता है।
इन्हीं में से एक नियम है घर में 13 दिनों तक दीपक जलाना। क्या आपने कभी सोचा है किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पास दीपक क्यों जलाया जाता है? सनातन परंपरा में मृत्यु के बाद आत्मा शरीर को त्यागकर दूसरे लोक में जाने की तैयारी में लग जाती है।
ऐसे में दीपक का प्रकाश शुभता और ईश्वर स्मरण कराता है और दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान का प्रतीक होता है। आइए आपको बताते हैं इस दौरान दीपक जलाने के महत्व के बारे में और यह जरूरी क्यों माना जाता है?
मृत्यु के बाद 13 दिनों तक दीपक क्यों जलाना चाहिए?
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद घर में दीपक जलाना जरूरी बताया गया है। इसके पीछे एक मान्यता यह है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसके बाद आत्मा अपने शरीर से निकलकर अंधकार के मार्ग से गुजरती है।
उस समय आत्मा को समझ नहीं आता है कि कहां जाना है। कौन सा रास्ता उसके लिए सही है और कौन सा गलत? ऐसे में जब घर में उस स्थान पर दीपक जलता है जहां किसी की मृत्यु हुई होती है तो वह दीपक आत्मा के लिए प्रकाश का मार्ग बन जाता है। वह आत्मा को राह दिखाता है जिससे वह भटक ना जाए और अपने अगले लोक तक शांति से पहुंच सके।
दीपक से होती है आत्मा की रक्षा
गरुड़ पुराण बताता है कि जब तक आत्मा अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच जाती उसके घर में जलता दीपक उसकी हर चीज से रक्षा करता है। दीपक की लौ आत्मा को अपने मार्ग में आगे बढ़ने का संदेश देती है।
यही नहीं दीपक की लौ से एक यह संदेश भी बाहर आता है कि उसे डरने की जरूरत नहीं है बल्कि आगे बढ़ना है। घर में किसी परिजन की मृत्यु के बाद उस स्थान पर दीपक जलाना सिर्फ एक रस्म न होकर आत्मा के प्रति सम्मान दिखाना होता है।
दीपक आत्मा की यात्रा को आसान करता है
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके घर में 13 दिनों तक दीपक जलता है तो यह आत्मा की यात्रा को आसान करता है। इस अवधि में जिस घर में श्रद्धा से दीपक जलाया जाता है, वहां आत्मा को कभी अंधेरा नहीं मिलता है और वो एक लोक को छोड़कर दूसरे लोक में प्रवेश करती है। ऐसे स्थान से आत्मा सीधे बिना किसी कष्ट को झेले हुए ही दिव्य लोक में चली जाती है और उसे मोक्ष मिलता है।
इन सभी कारणों की वजह से ही मृत व्यक्ति के घर में 13 दिनों तक दीपक जलाना जरूरी माना जाता है। इससे आत्मा को शांति मिलती है और उसकी आगे की यात्रा आसान हो जाती है।
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