Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Vrishabha Sankranti 2026: किस दिन मनाई जाएगी वृषभ संक्रांति? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और संयोग

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 07:30 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो सूर्य देव के वृषभ राशि (Vrishabha Sankranti 2026 Date) में गोचर के दौरान विवाह करना शुभ होता है। वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य द ...और पढ़ें

    Vrishabha Sankranti 2026: वृषभ संक्रांति का धार्मिक महत्व

    Vrishabha Sankranti 2026: वृषभ संक्रांति का धार्मिक महत्व

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में वृषभ संक्रांति तिथि का खास महत्व है। इस शुभ अवसर पर आत्मा के कारक सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करते हैं। वृषभ संक्रांति के दिन बड़ी संख्या में साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद भक्ति भाव से सूर्य देव की पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं।

    surya dev

    धार्मिक मत है कि सूर्य देव की पूजा करने से सभी प्रकार के मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही शारीरिक कष्ट भी कम होते हैं। इस दिन दान करने से व्यक्ति को अक्षय फल मिलता है। आइए, वृषभ संक्रांति की सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं-

    सूर्य राशि परिवर्तन (Surya Gochar 2026)

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आत्मा के कारक सूर्य देव 15 मई को राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य देव 15 मई को सुबह 06 बजकर 28 मिनट पर मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव 14 जून तक रहेंगे। इसके अगले दिन सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

    वृषभ संक्रांति शुभ मुहूर्त (Vrishabha Sankranti Shubh Muhurat)

    15 मई को वृषभ संक्रांति मनाई जाएगी। 15 मई को पुण्य काल सुबह 05 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 28 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल सुबह 05 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 28 मिनट तक है।

    खबरें और भी

    वृषभ संक्रांति शुभ योग (Vrishabha Sankranti Shubh Yog)

    वृषभ संक्रांति पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। आयुष्मान योग दोपहर 02 बजकर 21 मिनट तक है। इसके बाद सौभाग्य योग का संयोग बनेगा। सिद्ध योग का संयोग रात भर है। इसके साथ ही भद्रावास योग का संयोग बनेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक है। इस समय में पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से साधक पर सूर्य देव की कृपा बरसेगी।

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 30 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 05 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 49 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 03 मिनट से 07 बजकर 24 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक

    यह भी पढ़ें- Mesh Sankranti 2026: कब मनाई जाएगी मेष संक्रांति? यहां पता करें शुभ मुहूर्त एवं महत्व

    यह भी पढ़ें- Meen Sankranti 2026 Date: कब मनाई जाएगी मीन संक्रांति? नोट करें सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त


    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।