ध्रुव योग के शुभ संयोग में मनेगी मोहिनी एकादशी, पढ़ें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण समय
मोहिनी एकादशी कब मनाई जाएगी? आइए यहां इसकी सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण समय जानते हैं। ...और पढ़ें

Mohini Ekadashi 2026: क्या है मोहिनी रूप का रहस्य? (Ai Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है, लेकिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की 'मोहिनी एकादशी' बहुत खास मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत की रक्षा करने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। इस साल यह एकादशी ध्रुव योग के शुभ संयोग में आ रही है, जो भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और कामों में स्थिरता लाने वाली होगी। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।
-(1)-1776668378316.jpg)
शुभ योग (Shubh Yog)
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन बनने वाला ध्रुव योग बेहद प्रभावशाली है। ध्रुव योग सुबह से लेकर रात 9 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। यह श्री हरि से जुड़ा है और स्थिरता का प्रतीक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
मोहिनी एकादशी का महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि जाने-अनजाने में किए गए पापों के प्रायश्चित के लिए मोहिनी एकादशी का व्रत बहुत फलदायी माना गया है। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और द्वापर में युधिष्ठिर ने भी इस व्रत के प्रभाव से अपने कष्टों का अंत किया था। यह व्रत न केवल भौतिक सुख प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति को मोह-माया के बंधनों से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है।
मोहिनी एकादशी 2026 कब है? (Mohini Ekadashi 2026 Kab Hai?)
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 26 अप्रैल को शाम 06 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 06 बजकर 15 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी।
खबरें और भी
पारण का समय (Parana Time)
एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण शुभ मुहूर्त में किया जाए।
- पारण तिथि: 28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)।
- पारण मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक।
पूजन विधि
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। इस दिन मोहिनी एकादशी की कथा का पाठ जरूर करें और रात में कीर्तन व जागरण करें। आरती से पूजा का समापन करें।
यह भी पढ़ें- ज्येष्ठ माह में कब है अपरा एकादशी? यहां पढ़ें तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय
यह भी पढ़ें- मोहिनी एकादशी पर गलती से भी न खाएं ये चीजें, वरना खंडित हो जाएगा आपका व्रत और पुण्य!
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।