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आप भी रख रहे हैं विभुवन संकष्टी चतुर्थी? तो अभी नोट करें शुभ मुहूर्त और चन्द्रोदय का समय

Published: Wed, 03 Jun 2026 07:00 AM (IST)

आज 03 जून को अधिक मास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा ...और पढ़ें

विभुवन संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व (AI Generated Image)

विभुवन संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व (AI Generated Image)  

HighLights

  1. आज 03 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी है

  2. गणेश जी की पूजा से बाधाएं दूर होती हैं

  3. शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय नोट करें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 03 जून को अधिक मास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। यह चतुर्थी अधिक मास में ही मनाई जाती है। यह दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक व्रत जरूर करना चाहिए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को जीवन की हर बाधा से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि विभुवन संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 03 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी को मानई जा रही है।
ज्येष्ठ (अधिक) माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 03 जून को रात 09 बजकर 21 मिनट पर
ज्येष्ठ (अधिक) माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 04 जून को रात 11 बजकर 30 मिनट पर
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 03 जून को रात 10 बजकर 04 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक

Vibhuvana Sankashti Chaturthi

 

अभिजीत मुहूर्त- कोई नहीं
अमृत काल- रात 07 बजकर 37 मिनट से 09 बजकर 24 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 34 मिनट तक

विभुवन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  • चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • लाल फूल, दूर्वा, रोली और चंदन आदि चीजें चढ़ाएं।
  • देसी घी का दीपक जलाएं।
  • भगवान गणेश के मंत्रों का जप करें।
  • संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें।
  • फल और मोदक का भोग लगाएं।
  • भगवान गणेश से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
  • शाम के समय चंद्रमा दर्शन करें और उन्हें अर्घ्य दें।
  • इसके बाद व्रत का पारण करें।

भगवान गणेश को इन चीजों का लगाएं भोग

संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को फल, मोदक, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाना चाहिए। इससे गणेश जी प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।