मलमास की वरदा चतुर्थी पर बुधवार का संयोग, कहीं आपसे छूट न जाए कई गुना फल पाने का ये मौका
भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित वरदा चतुर्थी का व्रत करने से भक्तों को सुख-समृद्धि, बुद्धि और सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ...और पढ़ें

वरदा चतुर्थी पर गणेश पूजा (Picture Credit: Freepik)
HighLights
गणेश जी को समर्पित शुभ तिथि है वरदा चतुर्थी
अधिक मास में पूजा से मिलता है विशेष फल
सुख-समृद्धि और बाधा मुक्ति के लिए करें मंत्र जप
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वरदा चतुर्थ भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ और पवित्र तिथि मानी गई है, क्योंकि यह अधिक मास की शुक्ल चतुर्थी को पड़ती है। इसे वरद चतुर्थी या वरद विनायक चतुर्थी के नाम से भी कहते हैं, जो इस बार बुधवार 20 मई को पड़ रही है।
यह दिन 'वरदा' अर्थात वरदान देने वाला माना गया है। इस दिन यदि आप गणेश जी की पूजा में इस मंत्रों के जप द्वारा उसकी विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
वरदा चतुर्थी का धार्मिक महत्व
अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को 'वरदा चतुर्थी' के रूप में पूजा जाता है। मुद्गलपुराण, भविष्यपुराण और गणेशपुराण में इस दिन के महत्व को बेहद खास बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, जिस तरह सामान्य महीनों के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विघ्नविनाशक भगवान गणेश की पूजा होती है, ठीक उसी तरह अधिक मास की चतुर्थी पर भी गणेश पूजन का विधान है। हालांकि, इस पवित्र महीने में की गई पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है।
गणेश पुराण में कहा गया है कि मलमास के दौरान किया गया कोई भी व्रत, दान या मंत्र जप कभी व्यर्थ नहीं जाता। इस समय की गई छोटी-सी साधना भी बप्पा को प्रसन्न कर आपको मनचाहा वरदान दिला सकती है। ऐसे में वरदा चतुर्थी का यह अवसर आपके जीवन से सभी बाधाओं को दूर करने और भगवान पुरुषोत्तम (भगवान विष्णु) व गणेश जी की संयुक्त कृपा से सुख-समृद्धि पाने का सबसे उत्तम समय है।

गणेश जी के मंत्र
1. 'श्री गणेशाय नम:'
2. "ऊ गं गणपतये नमः"
3. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
4. "ऊं गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा"
5. गणेश गायत्री मंत्र -
ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
6. ॐ नमो हेरम्ब मदमोहित
मम सङ्कटान् निवारय निवारय स्वाहा॥

(Picture Credit- AI Generated)
वरदा चतुर्थी पर जरूर करें ये काम
- यदि संभव हो तो, वरदा चतुर्थी पर दिनभर उपवास (व्रत) रखतें हैं और मध्याह्न (दोपहर) में गणेश जी की पूजा करें।
- भगवान गणेश को सिंदूर बहुत प्रिय है, ऐसे में वरदा चतुर्थी की पूजा में उन्हें सिंदूर का तिलक जरूर लगाएं।
- 'श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि।' मंत्र का जप करते हुए गणेश जी को 21 दुर्वा (दूब) अर्पित करें।
- चतुर्थी पर बप्पा की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
- पूजा के बाद जरूरतमंदों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न या धन का दान करें।
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