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    वरदा चतुर्थी के दिन 5 कामों से नाराज होंगे गणपति बप्पा, आज ही जान लें कड़े नियम

    Updated: Sun, 17 May 2026 03:17 PM (IST)

    वरदा चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ गलतियों से बचना चाहिए। ...और पढ़ें

    वरदा चतुर्थी के नियम (AI Generated Image)

    वरदा चतुर्थी के नियम (AI Generated Image)  

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर वरदा चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है।

    गणेश जी की साधना करने से साधक को शुभ फल मिलता है और गणपति बप्पा की कृपा बरसती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कुछ गलतियों को करने से भगवान गणेश नाराज हो सकते हैं और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि वरदा चतुर्थी (Varada Chaturthi 2026) के दिन किन गलतियों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

    Varada Chaturthi 2026 (3)

    (AI Generated Image)  

    भूलकर भी न करें ये काम

    पूजा में न करें तुलसी का प्रयोग- धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी दल को शामिल नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान गणेश ने तुलसी को श्राप दिया था। इसलिए गणेश जी पूजा में तुलसी के पत्ते को शामिल नहीं करना चाहिए।

    काले रंग के कपड़े पहनना- सनातन धर्म में शुभ कार्य के दौरान काले रंग के कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए वरदा चतुर्थी के दिन काले रंग के कपड़े धारण न करें। ऐसा करने से नकारात्मकता आती है और साधक से भगवान गणेश नाराज हो सकते हैं।

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    तामसिक भोजन का सेवन करना- वरदा चतुर्थी के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे गणेश जी अप्रसन्न हो सकते हैं और कामों में सफलता नहीं मिलती है।

    बुजुर्गों का अपमान करना- माता-पिता या घर के बुजुर्गों का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

    वाद-विवाद करना- वरदा चतुर्थी के दिन किसी से वाद-विवाद न करें। इसके अलावा किसी के बारे में गलत न सोचें। ऐसा करने से पूजा सफल नहीं होती है और जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मंदिर और घर में गंदगी न रखें। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

    कब है वरदा चतुर्थी 2026

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 20 मई को वरदा चतुर्थी मनाई जाएगी।
    ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 19 मई को दोपहर 02 बजकर 18 मिनट पर
    ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 20 मई को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर

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    अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।