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शारदीय नवरात्र 2026: मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को लगाएं ये 9 प्रिय भोग, किस दिन क्या चढ़ाना होगा शुभ?

Published: Fri, 09 Oct 2026 11:27 AM (GMT+05:30)

शारदीय नवरात्र 2026 में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने का महत्व बताया गया है।

शारदीय नवरात्र भोग: 9 देवियों की पसंद के भोग (Picture Credit- AI Generated)

शारदीय नवरात्र भोग: 9 देवियों की पसंद के भोग (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में नवरात्र के पर्व को बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है। शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) की अवधि को मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और व्रत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होंगे। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन उत्सव में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाने का विशेष महत्व है। 

मान्यता के अनुसार, विशेष चीजों का भोग (Maa Durga Ke 9 Bhog) लगाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्त के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताते हैं कि किस दिन कौन सा भोग लगाना फलदायी साबित होगा।

पहला दिन

इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। देवी को गाय के शुद्ध घी या उससे बनी सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इससे शुभ परिणाम मिलते हैं।

दूसरा दिन

यह दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाएं। इससे देवी की विशेष कृपा बरसती है और सभी मुरादें पूरी होती हैं।

तीसरा दिन

इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करना शुभ माना जाता है। मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं। इससे मानसिक तनाव दूर होता है।

चौथा दिन

नवरात्र का चौथा दिन मां कुष्मांडा की आराधना के लिए होता है। इस दिन मां कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाएं। इससे निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।

पांचवां दिन

इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना का विधान है। मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसका भोग लगाने से परिवार में सुख-शांति का आगमन होता है।

छठा दिन

छठा दिन मां कात्यायनी की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन देवी को शहद का भोग लगाना चाहिए। इससे भक्त के जीवन में मधुरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सातवां दिन

इस दिन मां कालरात्रि की विशेष पूजा होती है। देवी को पूजा के दौरान गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाना चाहिए। इससे भक्त के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं।

आठवां दिन

इस दिन मां महागौरी को नारियल या नारियल से बनी मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे धन लाभ के योग बनते हैं।

नौवां दिन

महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को तिल, हलवा, चना और पूड़ी का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी को इन चीजों का भोग लगाने से भक्त के जीवन में बड़े और शुभ बदलाव देखने को मिलते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।