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    शनि जयंती पर तेल चढ़ाने का गलत तरीका बना सकता है आपको कंगाल, रखें इन बातों का ध्यान

    Updated: Thu, 14 May 2026 12:34 PM (IST)

    शनि जयंती पर शनि देव को तेल अर्पित करना बेहद फलदायी माना जाता है,आइए इससे जुड़े नियम जानते हैं। ...और पढ़ें

    शनि जयंती: तेल चढ़ाने के नियम। AI Generated image

    शनि जयंती: तेल चढ़ाने के नियम। AI Generated image

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि जयंती का दिन शनि देव की कृपा पाने और साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों को कम करने के लिए अच्छा माना जाता है। इस दिन भक्त बड़ी संख्या में मंदिर जाकर शनि शिला पर सरसों का तेल चढ़ाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से चढ़ाया गया तेल फायदे की जगह आपके जीवन में संकट ला सकता है?

    शास्त्रों के अनुसार, शनि देव कर्मफल दाता हैं और उनकी पूजा के कुछ कठिन नियम बनाए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं तेल चढ़ाते समय किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है?

    तेल चढ़ाते समय न करें ये गलतियां

    shani jayanti

    AI Generated image

    प्रतिमा की आंखों में देखना

    शनि देव की दृष्टि को बहुत उग्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय उनकी आंखों में सीधे नहीं देखना चाहिए। हमेशा उनके चरणों की ओर देखकर ही तेल अर्पित करें।

    गंदा या मिलावटी तेल

    अक्सर लोग मंदिर के बाहर मिलने वाले सस्ते या मिलावटी तेल का उपयोग कर लेते हैं। शनि देव को शुद्ध सरसों का तेल ही प्रिय है। अशुद्ध तेल चढ़ाना उनके अपमान के समान माना जाता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

    दिशा का ध्यान

    शनि देव को तेल हमेशा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके चढ़ाना चाहिए। गलत दिशा में खड़े होकर पूजा करने से शुभ फल नहीं मिलता है।

    तेल बर्बाद करना

    तेल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह शिला पर ही गिरे। तेल को इधर-उधर फर्श पर फैलाना दरिद्रता को बुलावा देता है। अगर हो पाए तो तेल चढ़ाने के बाद खाली पात्र वहीं न छोड़ें, उसे उचित स्थान पर रखें।

    ऐसे प्राप्त करें शनि देव की कृपा

    अगर आप चाहते हैं कि शनि जयंती पर आपकी पूजा सफल हो, तो तेल अर्पित करने से पहले उसमें अपना चेहरा देखें। इसे छाया दान कहा जाता है। ऐसा करने से आपकी शारीरिक और मानसिक परेशानियां शनि देव के चरणों में चली जाती हैं। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।