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    सावन शिवरात्रि पर कांवड़ जल चढ़ाने का क्या है शुभ मुहूर्त? अभी नोट करें चार प्रहर की पूजा का समय

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 08:27 AM (IST)

    सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी, जो महादेव को प्रसन्न करने और सुख-समृद्धि के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने का शुभ म ...और पढ़ें

    कब करें महादेव का जलाभिषेक? (AI-Generated Image)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन शिवरात्रि का पर्व आज यानी 11 अगस्त को मनाया जा रहा है। यह दिन महादेव को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करने से साधक को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    सावन शिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्त पवित्र नदियों से जल लाकर महादेव का जलाभिषेक करते हैं, जिसके बाद कांवड़ यात्रा का समापन होता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं सावन शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करने का सही समय क्या है और इससे जुड़े नियम के बारे में।

    सावन शिवरात्रि 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Sawan Shivratri 2026 Date and Shubh Muhurat)

    सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत- 10 अगस्त को शाम 06 बजकर 24 मिनट पर
    सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन- 11 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 22 मिनट पर

    सावन शिवरात्रिचार पहर की पूजा का समय

    रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 07 बजकर 04 मिनट से 09 बजकर 44 मिनट तक
    रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
    रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
    रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - रात 03 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक

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    sawan shivratri 2026 (3)

    (AI-Generated Image)

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 36 मिनट से 05 बजकर 20 मिनट तक
    अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर से 50 मिनट 12 बजकर 56 मिनट तक
    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 41 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 57 मिनट से 07 बजकर 19 मिनट तक
    अमृत काल- सुबह 09 बजकर 33 मिनट से 11 बजकर 03 मिनट तक
    सर्वार्थ सिद्धि योग- रात 11 बजकर 39 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट

    क्या है निशिता काल का समय

    भगवान शिव की आराधना और रुद्राभिषेक करने के लिए निशिता काल का समय शुभ माना जाता है। निशिता काल का समय 11 अगस्त की रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी समय शिव जी का रुद्राभिषेक किया जा सकता है।

    कैसे करें शिव जी का रुद्राभिषेक

    • सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।
    • मंदिर की सफाई करने के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
    • शिवलिंग पर जल, दूध, घी, शहद अर्पित करें।
    • बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएं।
    • देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
    • भगवान शिव के मंत्रों और शिव चालीसा का पाठ करें।
    • फल और मिठाई का भोग लगाएं।
    • आखिरी में लोगों में प्रसाद का वितरण करें।

    यह भी पढ़ें- सावन शिवरात्रि 2026: 11 अगस्त को चढ़ेगा कांवड़ का जल, डायरी में अभी नोट करें चारों पहर की पूजा का मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।