प्रद्युम्न चतुर्थी 2026: भगवान गणेश को 21 दूर्वा ही क्यों चढ़ाई जाती है? पढ़ें पुराण में छिपा इसका रहस्य
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर 18 जून को प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाएगी, इस दिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा चढ़ाने का विशेष महत्व है।

दूर्वा के बिना अधूरी है भगवान गणेश की पूजा (Image Source: AI-Generated)
HighLights
प्रद्युम्न चतुर्थी 18 जून को मनाई जाएगी।
भगवान गणेश को 21 दूर्वा चढ़ाना शुभ माना जाता है।
दूर्वा चढ़ाने से शारीरिक कष्ट और मानसिक तनाव दूर होते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाती है। इस बार प्रद्युम्न चतुर्थी व्रत 18 जून को किया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। गणपति बप्पा की पूजा में दूर्वा जरूर शामिल किया जाता है। इससे गणेश जी प्रसन्न होते हैं और साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
इसलिए चतुर्थी की पूजा बिना दूर्वा के अधूरी मानी जाती है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि भगवान गणेश को क्यों चढ़ाया जाता है 21 दूर्वा, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं भगवान गणेश का दूर्वा से क्या है कनेक्शन।
गणेश जी ने अनलसुर के आतंक को किया खत्म
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में अनलसुर नाम का राक्षस था। यह एक ऐसा राक्षस था, जो मुनियों, देवताओं को जिंदा निगल लेता था। इसने तीनों लोकों में आतंक मचा रखा था। राक्षस के प्रकोप से बचने के लिए देवी-देवता और ऋषि-मुनि महादेव और गणपति बप्पा के पास पहुंचे।
इसके बाद भगवान शिव ने अनलसुर से युद्ध किया और उसके आतंक से ब्रह्मांड को बचाया। गणश जी ने अनलसुर को जिंदा निगल लिया, जिसकी वजह से पेट में भयंकर जलन होने लगी। ऐसे में ऋषि कश्यप ने भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें बनाकर खाने की सलाह दी। इसके बाद से ही दूर्वा गणेश जी की प्रिय वास्तु बन गई। इसलिए बुधवार या चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने का विधान है।

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दूर्वा चढ़ाने से मिलते हैं ये लाभ
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- अगर आप मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, तो प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें। इस दौरान प्रभु को 21 दूर्वा अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि दूर्वा चढ़ाने से व्यक्ति का मानसिक तनाव दूर होता है और जीवन खुशहाल रहता है।
गणेश पुराण में 21 दूर्वा की कथा का वर्णन
भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने की वर्णन गणेश पुराण के उपासना खण्ड में देखने को मिलती है।
प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 डेट और टाइम (Pradyumna Chaturthi 2026 Date and Time)
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार 18 जून को प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाएगी।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 17 जून को रात 09 बजाकर 38 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 18 जून को शाम 06 बजकर 58 मिनट पर
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