Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत पर करें भगवान शिव की भव्य आरती, होगा कल्याण

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 09:07 AM (IST)

    सोम प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत आरती। (Ai Generated Image)

    Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत आरती। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. सोम प्रदोष व्रत का दिन बेहद शुभ माना जाता है

    2. यह दिन शिव जी को समर्पित है

    3. इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विधान है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत का दिन बेहद मंगलकारी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा और विशेष रूप से उनकी आरती करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। जब प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ता है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि सोमवार चंद्र देव और शिव जी दोनों का ही प्रिय दिन है, तो आइए शिव जी और माता पार्वती की आरती करते हैं, जो इस प्रकार है -

    kamda ekadashi shivling ke upay 1

    ।।शिव जी की आरती।। (Lord Shiv Aarti)

    जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

    ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

    एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

    हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

    द भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

    त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

    अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

    चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

    श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

    सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

    कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

    जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

    प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

    काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

    नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

    त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

    कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

    ।।माता पार्वती की आरती।। (Mata Parvati Ki Aarti)

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता

    ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

    जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा

    देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

    हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता

    सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

    नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    देवन अरज करत हम चित को लाता

    गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।

    जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

    श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

    सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।

    जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

    यह भी पढ़ें- Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत पर जरूर करें शिव तांडव स्तोत्र का पाठ, बनेंगे सभी बिगड़े काम

    यह भी पढ़ें- Aaj ka Panchang 16 March 2026: सोम प्रदोष व्रत पर बन रहा है 'शिव' योग, पंचांग से देखें शुभ मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।